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बड़ी कामयाबी: वायुसेना अब रात में भी दुश्मन को तबाह करने में सक्षम, नाइट विजन गॉगल्स की मदद से अंधेरे में उतार

Fri, 24 May 2024 05:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 24 May 2024 05:02 AM IST
सार

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने पूर्वी क्षेत्र में रात के समय सी- 130जे विमान को नाइट विजन गॉगल्स (एनवीजी) की मदद से उतारा। यह सफल अभियान वायुसेना की रक्षा तैयारियों की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। वायुसेना ने इस उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया पर दी।

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भारतीय वायुसेना ने रात में सी-130 जे विमान की लैंडिंग कराई - फोटो : X@IAF_MCC

विस्तार

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने अपनी बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए रात के अंधेरे में विमान उतारने का कारनामा किया है। इसने पूर्वी क्षेत्र में रात के समय सी- 130जे विमान को नाइट विजन गॉगल्स (एनवीजी) की मदद से उतारा। यह सफल अभियान वायुसेना की रक्षा तैयारियों की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। एनवानी कम रोशनी में सटीकता के साथ अभियान को पूरा करने में मदद करता है। इससे वायुसेना के लड़ाकू और परिवहन विमानों को रात के समय अभियान को अंजाम देने में मदद मिलेगी। वहीं, इससे वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। वायुसेना ने इस उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया पर दी। भारतीय वायुसेना ने इसका वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भारतीय वायुसेना अपनी क्षमताओं का विस्तार करना जारी रखे हुए है और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत कर रही है। 

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कारगिल में भी रात के अंधेरे में उतर चुका है सी 130 जे विमान... इस साल की शुरुआत में वायु सेना ने पहली बार कारगिल हवाई पट्टी पर रात में सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। उस समय भी सी 130 जे लद्दाख क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास हवाई पट्टी पर सफलता पूर्वक उतरा था।
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6,300 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कार्रवाई और निगरानी में मिलेगी मदद
पूर्वी सेक्टर में इस प्रयोग की सफलता खासतौर पर अहम है क्योंकि यह सेक्टर चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश के करीब 6,300 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। इससे सिर्फ युद्ध के दौरान ही नहीं, बचाव व सहायता के काम में भी अप्रत्याशित मदद मिलेगी। इसके अलावा देश के पूर्वी सेक्टर में ओडिशा, झारखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और बिहार के क्षेत्र आते हैं।


धुंध और कोहरे में भी होगा कारगर
यह तकनीक धुंध और कोहरे की स्थिति में भी काफी कारगर है। इस तकनीक से लड़ाकू और परिवहन विमान कम से कम रोशनी में अपनी कार्रवाई को सटीक अंजाम दे सकते हैं। यह खासतौर पर चीन के मद्देनजर बड़ी सामरिक उपलब्धि है। इससे सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता और दुश्मन इलाके में सटीक कार्रवाई का नया अध्याय शुरू होगा।

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