एनआईए के दौरे पर पाकिस्तान से लिखित गारंटी लेगा भारत
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पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान जाने के संकेत मिलने के साथ ही भारत अब इस पर लिखित गारंटी की मांग कर सकता है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि अगली बार जब भी द्विपक्षीय बातचीत होगी तो भारत इस बात पर जोर देगा कि पाकिस्तान एनआईए के दौरे के बारे में लिखित तौर पर अपनी प्रतिबद्धता जताए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने संकेत दिया है कि उनका देश एनआईए को पठानकोट हमले की जांच के लिए आमंत्रित कर सकता है। इसके बाद से ही भारत की ओर से लिखित गारंटी लेने की बात सामने आई है।
सूत्रों का कहना है कि अब तक इस बात के संकेत नहीं मिले हैं कि पठानकोट हमले में किसी अंदरूनी ताकत का हाथ था। अब तक की जांच से साफ हो गया है कि हमले की योजना बनाने और इसे अंजाम देने में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है।
पठानकोट मामले में पाकिस्तान को नया अनुरोध पत्र भेजेगा भारत
नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पठानकोट आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में नया लेटर्स रोगेटरी (अनुरोध पत्र) तैयार किया है। इसे जल्द ही पाकिस्तान को भेजा जाएगा।
इस एलआर में हमले में मारे गए पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों के पते हैं। भारत एलआर के आधार पर हासिल की गई जानकारियों को अदालत में सबूत केतौर पर इस्तेमाल कर सकता है।
साथ ही एनआईए ने इस जांच केसिलसिले में पाकिस्तान जाने केलिए औपचारिक तकनीकी जरूरतें पूरी करने की कवायद शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों केसलाहकार सरताज अजीज ने एनआईए टीम के आने की संभावना पर सोमवार को हामी भरी है।
दिल्ली में पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित की बातचीत निलंबित होने के बयान के बाद स्थिति एक कदम पीछे हटने वाली हो गई थी। लेकिन अजीज ने यह कह कर संभावना बरकरार रखा है कि बासित के बयान का गलत मतलब निकाला गया था। एनआईए पाकिस्तान आने की औपचारिक अर्जी देती है तो उस पर पाकिस्तान सरकार गंभीरता से गौर करेगी।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान जाने के लिए तकनीकी और कानूनी जरूरत एलआर के जरिये ही पूरी होगी। पाकिस्तान का संयुक्त जांच दल (जेआईटी) अपने सीआरपीसी की धारा 188 के आधार पर साक्ष्य इकट्ठा करने आया था।
इस धारा के तहत इकट्ठा किए गए सबूत पाकिस्तान की अदालत में मान्य होंगे। लेकिन भारत में ऐसा प्रावधान नहीं है। इसकेलिए एनआईए को एलआर के जरिये पाकिस्तान को अर्जी देनी होगी।