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ASEAN: पारंपरिक चिकित्सा को आसियान देशों के साथ साझा करेगा भारत, सम्मेलन दिल्ली में होगा आयोजित
Tue, 18 Jul 2023 06:12 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 18 Jul 2023 06:12 AM IST
सार
पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए भारत पारंपरिक चिकित्सा के वैज्ञानिक तथ्यों को आसियान देशों के साथ साझा करेगा।
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traditional medicine
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए भारत पारंपरिक चिकित्सा के वैज्ञानिक तथ्यों को आसियान देशों के साथ साझा करेगा। करीब एक दशक बाद होने वाला यह सम्मेलन आगामी 20 जुलाई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होगा, जिसमें कंबोडिया, वियतनाम सहित 10 आसियान देशों के प्रतिनिधि मौजूद होंगे।
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जानकारी के अनुसार, आयुष मंत्रालय ने आसियान देशों को पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में नवीन अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, व्यापार पर चर्चा करने की तैयारी की है। साथ ही, भारतीय विशेषज्ञ वैज्ञानिक तथ्यों के साथ पारंपरिक चिकित्सा को लेकर अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे नवंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार में हुए 12वें आसियान भारत शिखर सम्मेलन में ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ की घोषणा की। लगभग एक दशक के बाद अब पारंपरिक चिकित्सा को लेकर भारत-आसियान सम्मेलन आयोजित हो रहा है।
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वैश्विक मंच पर अब तक आयुष मंत्रालय ने यूके, अमेरिका, जापान, ब्राजील, जर्मनी के कई शीर्ष संगठनों के साथ सीएसआईआर, डीएसटी जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं के साथ मिलकर मधुमेह, कैंसर, मानसिक स्वास्थ्य, कोरोना महामारी और गैर संचारी रोगों के उपचार को लेकर नए आयाम स्थापित किए हैं।
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केंद्रीय आयुष मंत्रालय से जानकारी मिली है कि इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए देश के निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। ताकि अन्य देशों को पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ते कारोबार को लेकर भी जानकारी साझा की जा सके। इसी तरह, आसियान के सदस्य देश भी अपने अनुभव साझा करेंगे।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, एक दिवसीय सम्मेलन में इंडोनेशिया, फिलिपींस, मलेशिया, ब्रूनेई, थाईलैंड, लाओ पीडीआर , म्यांमार और वियतनाम प्रतिनिधि प्रत्यक्ष और कंबोडिया एवं सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि वर्चुअल रूप सम्मेलन में शामिल होकर पारंपरिक दवाओं पर विचार-मंथन करेंगे और अपने विचार साझा करेंगे।