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बढ़ेगी सैन्य ताकत: उन्नत ड्रोन कैमरा तकनीक से लैस होगा भारत, इस्राइल से करार; काफी कम लागत पर आपूर्ति
Fri, 04 Apr 2025 05:38 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 04 Apr 2025 05:38 AM IST
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भारत और इस्राइल।
- फोटो : X/@IsraelinIndia
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भारत में जल्द ही उन्नत ड्रोन कैमरा प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए एक भारतीय रक्षा कंपनी ने इस्राइल की एक अग्रणी कंपनी से करार किया है। इसे देश की रक्षा क्षमताओं में बड़ी छलांग के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि भारत की कंपनी स्वदेशी पहल के तहत बेहद कम कीमत पर निगरानी तकनीक और उपकरण की आपूर्ति करेगी।
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एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह समझौता पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज और इस्राइल के माइक्रोकॉन विजन के बीच हुआ है, जो कॉन्ट्रॉप और राफेल समूह का हिस्सा है। इस सहयोग से पारस डिफेंस भारत में उन्नत ड्रोन कैमरा प्रौद्योगिकी की ‘काफी कम लागत’ पर आपूर्ति कर सकेगा। बयान में कहा गया है कि भारतीय कंपनी इन ड्रोन कैमरों और खुफिया निगरानी व टोही (आईएसआर) उपकरणों में स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल करेगी। इससे लागत कम होने के साथ-साथ इस दिशा में देश की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। एजेंसी
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20-40 लाख होगी कीमत
बयान में कहा गया है कि कंपनी दो मॉडल पेश करेगी, जिनकी सामान्य आयात कीमत लगभग 20 लाख रुपये और 40 लाख रुपये प्रति यूनिट है। पारस डिफेंस प्रत्येक मॉडल को 50-60 प्रतिशत कम कीमत पर तैयार करेगी। जिससे भारतीय रक्षा बलों और वाणिज्यिक उपयोग के लिए उन्नत निगरानी तकनीक अधिक सुलभ हो जाएगी। इसमें कहा गया है कि एआई-संचालित विश्लेषणात्मक क्षमता, हाई-रिजोल्यूशन इमेजिंग और थर्मल विजन जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों के एकीकरण से निगरानी क्षमताओं में जबरदस्त वृद्धि होगी। इससे रक्षा और नागरिक दोनों क्षेत्रों में परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
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