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India US Trade Deal: टैरिफ की समयसीमा करीब, अंतरिम समझौते पर असमंजस; दो दिवसीय वार्ता में नहीं निकला ठोस नतीजा
Thu, 25 Jun 2026 04:10 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 25 Jun 2026 04:10 AM IST
सार
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिले और टैरिफ व्यवस्था अन्य देशों की तुलना में अधिक अनुकूल हो। दोनों पक्षों ने हालिया वार्ता को सकारात्मक बताया और कई क्षेत्रों में प्रगति का दावा किया।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी टैरिफ की समयसीमा नजदीक आने के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर असमंजस बरकरार है। भारत अपने निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धी लाभ और अन्य देशों की तुलना में कम टैरिफ की गारंटी चाहता है, जिस पर अंतिम सहमति अभी नहीं बन पाई है। हालांकि, दोनों पक्षों ने व्यापार वार्ता में ठोस प्रगति और समझौते के बेहद करीब पहुंचने के दावे किए हैं।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और भारत दौरे पर आए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने दूसरे दिन उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित समझौते के पहले चरण पर चर्चा की। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि दोनों देशों के बीच के विवादित मुद्दे पूरी तरह सुलझ पाए हैं या नहीं।
लंबे समय से चल रही बातचीत
बैठक के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने बताया, दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बाजारों में एक-दूसरे के उत्पादों को आसान पहुंच देने, सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला तैयार करने और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और रणनीतिक व तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की समीक्षा की। दोनों ने संतुलित व व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते तक पहुंचने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जो दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो। साल के शुरू में बनी रूपरेखा के बाद से ही दोनों देश समझौते पर लगातार वार्ता कर रहे हैं।
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बातचीत पर मंडरा रहा धारा 301 का साया
दोनों देशों के बीच वार्ता पर अमेरिका की धारा 301 का साया भी मंडरा रहा है। मोलतोल की ताकत बनाए रखने के लिए अमेरिका इस समय इस धारा के तहत भारत सहित दुनिया की करीब 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और बंधुआ मजदूरी की चिंताओं को लेकर जांच कर रहा है। अस्थायी टैरिफ की अवधि खत्म होने के बाद, अमेरिका के पास भारत सहित अपने व्यापारिक साझेदारों पर किसी भी स्तर का टैरिफ लगाने के लिए केवल यही तंत्र (धारा 301) बचता है।
24 जुलाई को खत्म हो रही समयसीमा
अमेरिका की ओर से दुनिया भर के देशों पर 10% का अस्थायी टैरिफ लगाया गया है, जिसकी समयसीमा 24 जुलाई को खत्म हो रही है। यदि इससे पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिकी आयात पर फिर से सामान्य एमएफएन टैरिफ दरें लागू हो जाएंगी। इससे भारत को मिलने वाला व्यापारिक फायदा खत्म हो सकता है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने कहा, भारत अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच अद्भुत संबंध हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन में दोनों नेता इस रिश्ते को अगले स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं।
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और भारत दौरे पर आए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने दूसरे दिन उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित समझौते के पहले चरण पर चर्चा की। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि दोनों देशों के बीच के विवादित मुद्दे पूरी तरह सुलझ पाए हैं या नहीं।
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लंबे समय से चल रही बातचीत
बैठक के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने बताया, दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बाजारों में एक-दूसरे के उत्पादों को आसान पहुंच देने, सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला तैयार करने और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और रणनीतिक व तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की समीक्षा की। दोनों ने संतुलित व व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते तक पहुंचने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जो दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो। साल के शुरू में बनी रूपरेखा के बाद से ही दोनों देश समझौते पर लगातार वार्ता कर रहे हैं।
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बातचीत पर मंडरा रहा धारा 301 का साया
दोनों देशों के बीच वार्ता पर अमेरिका की धारा 301 का साया भी मंडरा रहा है। मोलतोल की ताकत बनाए रखने के लिए अमेरिका इस समय इस धारा के तहत भारत सहित दुनिया की करीब 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और बंधुआ मजदूरी की चिंताओं को लेकर जांच कर रहा है। अस्थायी टैरिफ की अवधि खत्म होने के बाद, अमेरिका के पास भारत सहित अपने व्यापारिक साझेदारों पर किसी भी स्तर का टैरिफ लगाने के लिए केवल यही तंत्र (धारा 301) बचता है।
24 जुलाई को खत्म हो रही समयसीमा
अमेरिका की ओर से दुनिया भर के देशों पर 10% का अस्थायी टैरिफ लगाया गया है, जिसकी समयसीमा 24 जुलाई को खत्म हो रही है। यदि इससे पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिकी आयात पर फिर से सामान्य एमएफएन टैरिफ दरें लागू हो जाएंगी। इससे भारत को मिलने वाला व्यापारिक फायदा खत्म हो सकता है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने कहा, भारत अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच अद्भुत संबंध हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन में दोनों नेता इस रिश्ते को अगले स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं।