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India-UK: प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने पर भारत और ब्रिटेन में हुई चर्चा; ये मुद्दे भी उठे

Mon, 15 Apr 2024 10:34 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 15 Apr 2024 10:34 PM IST
सार

सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद और एजेंसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ सहयोग बढ़ाने के बारे में विस्तृत चर्चा की। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपराधिक खुफिया जानकारी साझा करने और वित्तीय अपराधों, संगठित अपराध, आतंकवाद, साइबर अपराध और अन्य अंतरराष्ट्रीय खतरों से निपटने सहित कई मुद्दे उठे।

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India-UK discuss prioritising extradition requests, expediting action under mutual legal assistance treaty
भारत-ब्रिटेन - फोटो : iStock

विस्तार

भारत और ब्रिटेन ने सोमवार को द्विपक्षीय कानूनी सहायता संधि के तहत कार्रवाई में तेजी लाने और भगोड़ों से संबंधित प्रत्यर्पण अनुरोधों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर चर्चा की है। ब्रिटेन के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की सोमवार को सीबीआई मुख्यालय की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की गई। इस प्रतिनिधिमंडल में इंटरपोल महासचिव पद के लिए ब्रिटेन के उम्मीदवार स्टीफन कवानाघ भी शामिल थे।

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सीबीआई प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद और एजेंसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ सहयोग बढ़ाने के बारे में विस्तृत चर्चा की। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपराधिक खुफिया जानकारी साझा करने और वित्तीय अपराधों, संगठित अपराध, आतंकवाद, साइबर अपराध और अन्य अंतरराष्ट्रीय खतरों से निपटने सहित कई मुद्दे उठे। सीबीआई ने बयान में यह भी कहा है कि दोनों पक्षों ने इंटरपोल चैनलों सहित समन्वित और प्रभावी तरीकों से वैश्विक अपराध संबंधी खतरों से निपटने की प्रतिबद्धता साझा की। ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर सीबीआई ने कहा कि यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने में ब्रिटेन और भारत के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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बयान में यह भी बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल में भारत में ब्रिटेन की कार्यवाहक उच्चायुक्त क्रिस्टीना स्कॉट, ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के प्रतिनिधि रॉबर्ट होल्नेस और ब्रिटेन के गृह कार्यालय से सोरेल इवांस भी शामिल थीं। वार्ता के दौरान स्टीफन कवानाघ ने साझेदारी और सहयोग की भावना के लिए सीबीआई को धन्यवाद दिया और सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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 गौरतलब है कि ये चर्चा तब हुई है जब किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमोटर विजय माल्या, हीरा कारोबारी नीरव मोदी और हथियार डीलर संजय भंडारी के अलावा पंजाब के खालिस्तानी आतंकियों और वांछित आतंकवादी समर्थकों सहित भारत के कई भगोड़े ब्रिटेन में हैं। और भारत उनके प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगा है। 

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