फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India to receive INS Tamal from Russia; warship equipped with advanced weapons, sensors, know other features

चीन-पाक की चिंता बढ़ी: रूस से मिलने वाला INS तमाल; उन्नत हथियारों, सेंसर से लैस है बहुउद्देशीय युद्धपोत

Wed, 07 May 2025 06:40 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 07 May 2025 06:40 AM IST
सार

भारत को रूस से जल्द ही आईएनएस तमाल मिलने वाला है। यह बहुउद्देशीय युद्धपोत उन्नत हथियारों, सेंसर व ऑटोमेशन से लैस है। जिसके बाद चीन-पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है।

विज्ञापन
India to receive INS Tamal from Russia; warship equipped with advanced weapons, sensors, know other features
आईएनएस तमाल। - फोटो : X/KatilBilla

विस्तार

भारत को रूस में निर्मित दूसरा युद्धपोत आईएनएस तमाल मिलने वाला है। यह बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट (युद्धपोत) उन्नत हथियारों, सेंसर और ऑटोमेशन से लैस है, जो अरब सागर में भारतीय नौसेना की युद्ध क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। इसे दुश्मन की पनडुब्बियों और स्टील्थ जहाजों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। आईएनएस तमाल, आईएनएस तुशील के साथ मिलकर काम करेगा। इस युद्धपोत के शामिल होने से नौसेना की सामरिक ताकत बढ़ जाएगी।

विज्ञापन


पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और बदलते समुद्री सुरक्षा माहौल के बीच, भारत अपनी नौसेना को मजबूत बना रहा है। यह युद्धपोत स्टील्थ तकनीक से लैस है। इस तकनीक का उपयोग करके यह पोत खुद को दुश्मन की नजर से छिपाने की क्षमता रखता है। इस तकनीक से रडार और सोनार के जरिये युद्धपोत का पता लगाना मुश्किल होता है। रूस में बने इस युद्धपोत में मल्टी-इंफ्लुएंस ग्राउंड माइंस का हाल ही में सफल परीक्षण किया गया है।
विज्ञापन


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये आईएनएस तमाल भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमताओं को और बढ़ाएगी। यह सतह और भूमिगत दोनों क्षेत्रों में भारत के बढ़ते प्रभुत्व मजबूत आधार प्रदान करेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


3900टन है आईएनएस तमाल का वजन
 3,900 टन वजनी आईएनएस तमाल एक या दो महीने में रूस के कलिनिनग्राद में भारतीय नौसेना को सौंप दिया जाएगा। हथियारों की फायरिंग सहित महत्वपूर्ण परीक्षण पूरा होने के बाद जहाज को भारत के लिए रवाना किया जाएगा। यह हवाई रक्षा, सतह-रोधी और पनडुब्बी-रोधी युद्ध जैसी बहु-भूमिका के लिए डिजाइन किए गए बेहतर क्रिवाक-III श्रेणी के फ्रिगेट (युद्धपोत) की शृंखला में दूसरा पोत है। भारत ने चार उन्नत आईएनएस तमाल खरीदने के लिए अक्तूबर 2016 में रूस के साथ समझौता किया था। पहले दो युद्धपोत लगभग 8,000 करोड़ में खरीदे गए थे, जबकि शेष दो 'त्रिपुट' और 'तवस्या' को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के तहत गोवा शिपयार्ड में बनाया जा रहा है।  इसकी कुल लागत लगभग 13,000 करोड़ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed