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Ladakh: अब दौलत बेग ओल्डी से काराकोरम बेस तक पहुंचना होगा बेहद आसान, चीन की ऑल वेदर रोड को ऐसे मिलेगी टक्कर
Fri, 18 Oct 2024 08:43 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 18 Oct 2024 08:43 PM IST
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चीन की ऑल वेदर रोड को ऐसे मिलेगी टक्कर
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अमर उजाला
विस्तार
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे बॉर्डर इलाकों में चीन जितनी तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है, उसे देखते हुए भारत भी बड़ी तैयारी कर रहा है। चीन अपने इलाके में ऑल वेदर रोड बना रहा है और उसके मंसूबों को देखते हुए भारत भी बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने में जुट गया है। नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (NBWL) ने पूर्वी लद्दाख में रणनीतिक तौर पर अहम पांच सड़कों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इनमें दौलत बेग ओल्डी एयर स्ट्रिप से काराकोरम दर्रे तक जाने वाली अहम सड़क भी शामिल है।राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने दी सड़कों के निर्माण को मंजूरी
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने चीन के साथ सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के नजदीक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए कई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है। बॉर्डर इलाके में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने पूर्वी लददाख में दौलत बेग ओल्डी से कराकोरम दर्रे तक 14 किलोमीटर लंबी सड़क समेत पांच प्रमुख सड़क खंडों को हरी झंडी दी है। इनमें सबसे अहम 17,000 फीट की ऊंचाई पर बनी दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी भी है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा हवाई क्षेत्र है। य़हां सड़क बनने के बाद LAC तक पहुंचना आसान हो जाएगा और जवानों, रसद आपूर्ति और हथियारों को तेजी से तैनात करने में आसानी होगी।
14 किलोमीटर सड़क बनाने के प्रस्ताव की सिफारिश
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने 9 अक्तूबर को एक बैठक में दौलत बेग ओल्डी से कराकोरम दर्रे तक 14 किलोमीटर सड़क बनाने के प्रस्ताव की सिफारिश की थी। रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को बताया था कि यह इलाका देश की सुरक्षा के लिहाज से काफी रणनीतिक महत्व का है। एनबीडब्ल्यूएल को सौंपे गए प्रस्ताव में कहा गया कि दौलत-बेग ओल्डी से काराकोरम बेस के बीच सड़क संपर्क बनाना बेहद जरूरी है, ताकि पेट्रोलिंग में आसानी हो और लड़ाई के दौरान इस इलाके में जवानों और लॉजिस्टिक की तुरंत सप्लाई की जा सके।
फॉरवर्ड एरिया में लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने के लिए अहम
जिसके बाद राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को दिए अन्य प्रस्ताव में रक्षा मंत्रालय ने लेह-चालुंका सड़क के 13 किलोमीटर के हिस्से को अपग्रेड करने की बात कही। रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव में कहा कि यह सड़क सिंधु घाटी को श्योक घाटी से जोड़ती है, और यह नुब्रा घाटी और श्योक घाटी के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। प्रस्ताव में कहा गया कि पर्यटन इस क्षेत्र के आर्थिक विकास का एक प्रमुख स्रोत है। यह सड़क फॉरवर्ड एरिया में तैनात सैनिकों को लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने के लिए बेहद अहम है।
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड कराकोरम वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की 20.55 हेक्टेयर भूमि को इस्तेमाल में लाते हुए, दुरबुक, श्योक और दौलत बेग ओल्डी के बीच रोड कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 13.7 किमी सड़क के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। साथ ही, दो अन्य सड़कों के निर्माण और अपग्रेडेशन के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इनमें दुरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी से सासेर-ब्रांगसा-गपशान तक 7.75 किलोमीटर लंबी लिंक रोड और थाकुंग पोस्ट तक कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 5.8 किलोमीटर लबी सड़क बनाने की बात कही है।