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SRS Report: देश में 5 वर्ष से कम आयु में मृत्यु दर में तीन अंक की गिरावट, यूपी और कर्नाटक में हालात सुधरे
Fri, 23 Sep 2022 10:37 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 23 Sep 2022 10:37 PM IST
सार
शिशु मृत्यु दर में भी 2019 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 30 से 2020 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश के लिए जन्म के समय लिंग अनुपात 2017-18 में तीन अंक बढ़कर 907 हो गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) सांख्यिकीय रिपोर्ट 2020 के अनुसार, भारत की 5 वर्ष से कम आयु में मृत्यु दर 2019 में 35 प्रति 1,000 जीवित जन्मों से घटकर 2020 में 32 प्रति 1,000 जीवित जन्म हो गई है। उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। भारत के महापंजीयक द्वारा गुरुवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2014 से शिशु मृत्यु दर (IMR), 5 साल से कम आयु में मृत्यु दर (U5MR) और नव-मृत्यु दर (NMR) में उत्तरोत्तर कमी देखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि 2030 तक सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) का लक्ष्य है।
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उन्होंने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, देखभाल करने वालों और समुदाय के सदस्यों को बाल मृत्यु दर को कम करने की दिशा में लगातार काम करने के लिए धन्यवाद दिया। एसआरएस 2020 से पता चलता है उन्होंने कहा कि इसमें 2014 के बाद से लगातार गिरावट आई है। भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बाल मृत्यु दर के 2030 एसडीजी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तैयार है, जिसमें केंद्रित हस्तक्षेप, मजबूत केंद्र-राज्य साझेदारी और सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण है।
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देश के लिए 5 वर्ष से कम आयु के मृत्यु दर में 2019 से तीन अंकों (वार्षिक गिरावट दर --8.6 प्रतिशत) की महत्वपूर्ण गिरावट (2019 में 35 प्रति 1000 जीवित जन्मों के मुकाबले 2020 में 32 प्रति 1,000 जीवित जन्म) दिखाई गई है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में 36 से शहरी क्षेत्रों में 21 तक है। महिलाओं के लिए U5MR पुरुषों (31) की तुलना में अधिक (33) है। इसी अवधि के दौरान पुरुष यू5एमआर में चार अंक और महिला यू5एमआर में तीन अंक की गिरावट आई है।
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इसके अलावा शिशु मृत्यु दर में भी 2019 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 30 से 2020 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई है (वार्षिक गिरावट दर - 6.7 प्रतिशत)। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतम आईएमआर मध्य प्रदेश (43) और न्यूनतम केरल (6) में देखा गया है। ग्रामीण-शहरी अंतर 12 अंक (शहरी-19, ग्रामीण-31) तक सीमित हो गया है और 2020 में कोई लिंग अंतर नहीं देखा गया है (पुरुष-28, महिला-28)। रिपोर्ट के अनुसार, देश का आईएमआर 2020 में घटकर 28 हो गया है, जो 2015 में 37 था, पिछले पांच वर्षों में नौ अंकों की गिरावट और लगभग 1.8 अंकों की वार्षिक औसत गिरावट आई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश के लिए जन्म के समय लिंग अनुपात 2017-18 में तीन अंक बढ़कर 907 हो गया है जो 2017-19 में 904 था। केरल में जन्म के समय उच्चतम लिंगानुपात (974) है जबकि उत्तराखंड में सबसे कम (844) है। नवजात मृत्यु दर भी 2019 में 22 प्रति 1,000 जीवित जन्मों से दो अंक घटकर 2020 में 20 प्रति 1,000 जीवित जन्म (वार्षिक गिरावट दर-9.1 प्रतिशत) हो गई है। यह शहरी क्षेत्रों में 12 से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में 23 तक है।