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India Russia: '2030 तक भारत-रूस के बीच होगा 100 अरब डॉलर का व्यापार', अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में बोले जयशंकर
Tue, 12 Nov 2024 01:50 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 12 Nov 2024 01:50 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'दोनों देशों के बीच व्यापार में कुछ चुनौतियां हैं, जिनमें खासकर भुगतान और आपूर्ति से संबंधित हैं। इस मामले में काफी कुछ हुआ है, लेकिन अभी भी कुछ काम बाकी है।'
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भारत-रूस व्यापार मंच
- फोटो : X / @DrSJaishankar
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विस्तार
भारत और रूस के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, वैज्ञानिक तकनीक मामलों के अंतर सरकारी आयोग की 25वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया। वहीं रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने किया। बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच व्यापार साल 2030 तक बढ़कर 100 अरब डॉलर हो जाएगा।
भारत के लिए कच्चे तेल, फर्टिलाइजर का मुख्य स्त्रोत बनकर उभरा रूस
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'दोनों देशों के बीच व्यापार में कुछ चुनौतियां हैं, जिनमें खासकर भुगतान और आपूर्ति से संबंधित हैं। इस मामले में काफी कुछ हुआ है, लेकिन अभी भी कुछ काम बाकी है। कनेक्टिविटी के संबंध में हमारे संयुक्त प्रयास जैसे कि उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा, चेन्नई-व्लादिवोस्तोक गलियारा और नॉर्दर्न सी रूट के काम को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।'
एस जयशंकर ने बताया कि 'बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। रूस भारत के लिए फर्टिलाइजर, कच्चे तेल, कोयला और यूरेनियम का मुख्य स्त्रोत बनकर उभरा है। साथ ही भारत का फार्मास्यूटिकल उद्योग भी रूस के लिए सस्ता और विश्वसनीय स्त्रोत बना है। मुझे विश्वास है कि दोनों देशों के बीच व्यापार साल 2030 तक या उससे भी पहले, 100 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।'
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मुक्त व्यापार समझौते को ये बोले रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री
बैठक के दौरान रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने कहा कि 'पिछले 5 वर्षों में भारत-रूस के बीच व्यापार पांच गुना से अधिक बढ़ गया है। भारत अब रूस के सभी विदेशी आर्थिक साझेदारों में दूसरा सबसे अहम देश है। हम EEU और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ-साथ सेवाओं और निवेश पर द्विपक्षीय समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं।'
मंटुरोव ने कहा कि 'हम रूसी और भारतीय बैंकों के बीच समन्वय के विस्तार पर काम जारी रखेंगे। दोनों देशों के बीच सीधे हवाई यातायात का विस्तार करने में भी हमारी रुचि है। अभी केवल रूसी एयरलाइंस एरोफ्लोट द्वारा ही दोनों देशों के बीच उड़ानें संचालित की जाती हैं, जो मॉस्को और येकातेरिनबर्ग से दिल्ली और गोवा के लिए प्रति सप्ताह 12 नियमित उड़ानें संचालित करती है। हमें उम्मीद है कि रूट नेटवर्क के विकास के साथ-साथ भारतीय एयरलाइंस भी रूस के लिए उड़ानों के अधिक प्रयास करेंगी। हम परमाणु क्षेत्र में अहम सहयोग का विस्तार करने के भी इच्छुक हैं। हम मेक इन इंडिया के तहत भारतीय रेलवे के लिए हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संयुक्त उत्पादन पर भी काम कर रहे हैं।'
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भारत के लिए कच्चे तेल, फर्टिलाइजर का मुख्य स्त्रोत बनकर उभरा रूस
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'दोनों देशों के बीच व्यापार में कुछ चुनौतियां हैं, जिनमें खासकर भुगतान और आपूर्ति से संबंधित हैं। इस मामले में काफी कुछ हुआ है, लेकिन अभी भी कुछ काम बाकी है। कनेक्टिविटी के संबंध में हमारे संयुक्त प्रयास जैसे कि उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा, चेन्नई-व्लादिवोस्तोक गलियारा और नॉर्दर्न सी रूट के काम को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।'
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एस जयशंकर ने बताया कि 'बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। रूस भारत के लिए फर्टिलाइजर, कच्चे तेल, कोयला और यूरेनियम का मुख्य स्त्रोत बनकर उभरा है। साथ ही भारत का फार्मास्यूटिकल उद्योग भी रूस के लिए सस्ता और विश्वसनीय स्त्रोत बना है। मुझे विश्वास है कि दोनों देशों के बीच व्यापार साल 2030 तक या उससे भी पहले, 100 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।'
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#WATCH | Delhi: At the 25th Session of the India-Russia Intergovernmental Commission on Trade, Economic, Scientific, Technical and Cultural Cooperation, EAM Dr S Jaishankar says, "...There have been challenges to trade, especially in regard to payments and logistics. Perceptible… pic.twitter.com/xhMBxp3Yfn
— ANI (@ANI) November 12, 2024
मुक्त व्यापार समझौते को ये बोले रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री
बैठक के दौरान रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने कहा कि 'पिछले 5 वर्षों में भारत-रूस के बीच व्यापार पांच गुना से अधिक बढ़ गया है। भारत अब रूस के सभी विदेशी आर्थिक साझेदारों में दूसरा सबसे अहम देश है। हम EEU और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ-साथ सेवाओं और निवेश पर द्विपक्षीय समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं।'
मंटुरोव ने कहा कि 'हम रूसी और भारतीय बैंकों के बीच समन्वय के विस्तार पर काम जारी रखेंगे। दोनों देशों के बीच सीधे हवाई यातायात का विस्तार करने में भी हमारी रुचि है। अभी केवल रूसी एयरलाइंस एरोफ्लोट द्वारा ही दोनों देशों के बीच उड़ानें संचालित की जाती हैं, जो मॉस्को और येकातेरिनबर्ग से दिल्ली और गोवा के लिए प्रति सप्ताह 12 नियमित उड़ानें संचालित करती है। हमें उम्मीद है कि रूट नेटवर्क के विकास के साथ-साथ भारतीय एयरलाइंस भी रूस के लिए उड़ानों के अधिक प्रयास करेंगी। हम परमाणु क्षेत्र में अहम सहयोग का विस्तार करने के भी इच्छुक हैं। हम मेक इन इंडिया के तहत भारतीय रेलवे के लिए हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संयुक्त उत्पादन पर भी काम कर रहे हैं।'