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NCRB: साल 2023 में देश में महिलाओं के खिलाफ 4.5 लाख अपराध दर्ज हुए, इन राज्यों में हालात ज्यादा खराब
Tue, 30 Sep 2025 03:36 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 30 Sep 2025 03:36 PM IST
सार
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए के तहत पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के 133,676 मामले दर्ज किए गए। वहीं महिलाओं के अपहरण के 88,605 मामले दर्ज किए गए।
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एनसीआरबी के आंकड़े जारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के करीब 4.5 लाख मामले दर्ज किए गए, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में ज्यादा हैं। साल 2023 में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के कुल 4,48,211 मामले दर्ज किए गए, जो साल 2022 में 4,45,256 और साल 2021 में 4,28,278 मामलों से अधिक हैं।
इन राज्यों में दर्ज हुए सबसे अधिक मामले
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस रिकॉर्ड से लिए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रति लाख महिला जनसंख्या पर अपराध की औसतन 66.2 घटनाएं दर्ज की गईं। साल 2023 में महिलाओं के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करने की दर 77.6 प्रतिशत रही। राज्यों में, उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक 66,381 मामले दर्ज किए गए। उसके बाद महाराष्ट्र में 47,101, राजस्थान में 45,450, पश्चिम बंगाल में 34,691 और मध्य प्रदेश में 32,342 मामले दर्ज किए गए। प्रति लाख महिला जनसंख्या पर 124.9 अपराध दर के साथ तेलंगाना सबसे आगे रहा, जबकि राजस्थान में यह दर 114.8, ओडिशा में 112.4, हरियाणा में 110.3 और केरल में 86.1 रही।
ये भी पढ़ें- सोनम वांगचुक की पत्नी का बड़ा बयान: कहा- डीजीपी के आरोप झूठे...ये साजिश है, सरकार बना रही बलि का बकरा
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दुष्कर्म के 29 हजार मामले दर्ज हुए
हैरान करने वाली बात ये है कि महिलाओं के खिलाफ क्रूरता करने वालों में सबसे ज्यादा उनके करीबी लोग शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए के तहत पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के 133,676 मामले दर्ज किए गए। वहीं महिलाओं के अपहरण के 88,605 मामले दर्ज किए गए। महिलाओं पर शील भंग करने के इरादे से हमले के 83,891 मामले दर्ज किए गए, जबकि दुष्कर्म के 29,670 मामले दर्ज किए गए। इस तरह हर दिन देश में करीब 81 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। दहेज हत्या के कुल 6,156 मामले दर्ज किए गए। आत्महत्या के लिए उकसाने के 4,825 मामले दर्ज किए गए और शील भंग के 8,823 मामले दर्ज किए गए।
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इन राज्यों में दर्ज हुए सबसे अधिक मामले
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस रिकॉर्ड से लिए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रति लाख महिला जनसंख्या पर अपराध की औसतन 66.2 घटनाएं दर्ज की गईं। साल 2023 में महिलाओं के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करने की दर 77.6 प्रतिशत रही। राज्यों में, उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक 66,381 मामले दर्ज किए गए। उसके बाद महाराष्ट्र में 47,101, राजस्थान में 45,450, पश्चिम बंगाल में 34,691 और मध्य प्रदेश में 32,342 मामले दर्ज किए गए। प्रति लाख महिला जनसंख्या पर 124.9 अपराध दर के साथ तेलंगाना सबसे आगे रहा, जबकि राजस्थान में यह दर 114.8, ओडिशा में 112.4, हरियाणा में 110.3 और केरल में 86.1 रही।
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दुष्कर्म के 29 हजार मामले दर्ज हुए
हैरान करने वाली बात ये है कि महिलाओं के खिलाफ क्रूरता करने वालों में सबसे ज्यादा उनके करीबी लोग शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए के तहत पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के 133,676 मामले दर्ज किए गए। वहीं महिलाओं के अपहरण के 88,605 मामले दर्ज किए गए। महिलाओं पर शील भंग करने के इरादे से हमले के 83,891 मामले दर्ज किए गए, जबकि दुष्कर्म के 29,670 मामले दर्ज किए गए। इस तरह हर दिन देश में करीब 81 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। दहेज हत्या के कुल 6,156 मामले दर्ज किए गए। आत्महत्या के लिए उकसाने के 4,825 मामले दर्ज किए गए और शील भंग के 8,823 मामले दर्ज किए गए।
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