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MEA: खाद्य संकट से जूझ रहे अफ्रीकी देशों की मदद के लिए आगे आया भारत, चावल और राहत सामग्री की खेप रवाना

Sun, 05 Apr 2026 09:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 05 Apr 2026 09:34 PM IST
सार

MEA: भारत ने खाद्य संकट झेल रहे अफ्रीकी देशों को बड़ी मात्रा में चावल और राहत सामग्री भेजी है। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है। साथ ही, भारत भविष्य में अफ्रीका के साथ मजबूत आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-

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India reaches out with food aid to shortage-hit African countries
अफ्रीकी देशों को भारत ने भेजी मानवीय मदद - फोटो : एक्स/रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

विस्तार

भारत ने खाद्य संकट से जूझ रहे मोजाम्बिक, मलावी और बुर्किना फासो जैसे अफ्रीकी देशों को मदद भेजी है। यह कदम मानवीय मदद और वैश्विक दक्षिण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। 
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कितनी मदद भेजी गई?
  • विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने सूखे से प्रभावित मलावी को 1,000 मीट्रिक टन चावल भेजा है।
  • बुर्किना फासो को भी 1,000 मीट्रिक टन चावल दिया गया है।
  • बाढ़ से प्रभावित मोजाम्बिक को 500 मीट्रिक टन चावल और राहत सामग्री भेजी गई है। 

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, मानवीय सहायता के रूप में बुर्किना फासो को 1,000 मीट्रिक टन चावल की खेप भेजी गई है। इसका मकसद कमजोर समुदायों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना है। उन्होंने कहा, यह कदम वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए एक भरोसेमंद और मानवीय मदद व आपदा राहत भागीदार के रूप में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 
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अफ्रीका के कई देश इस समय गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। बुर्किना फासो इस क्षेत्र की सबसे गंभीर मानवीय आपात स्थितियों का सामने करने वाला देश है। इस देश के लाखों लोगों को मदद की जरूरत है। इसके अलावा, इस्लामी सशस्त्र समूहों से जुड़ी हिंसा और 2022 में तख्तापलट के बाद से राजनीतिक अस्थिरता है। जेरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मलावी में अल-नीनो के कारण सूखा पड़ा है, जिससे खाद्य संकट बढ़ा है। मोजाम्बिक में बाढ़ ने हालात खराब कर दिए हैं। 

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अफ्रीका में बड़ी भूमिका चाहता है भारत: विशेषज्ञ
भारत केवल राहत सीमित नहीं रहना चाहता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका में दुनिया के 30 फीसदी अधिक महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार हैं। भारत अब तकनीक, प्रशिक्षण और साझेदारी के जरिये दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाना चाहता है। रिपोर्ट में जाम्बिया, जिम्वावे और तंजानिया को भविष्य के लिए अहम देश बताया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की यह दोहरी रणनीति है। एक तरफ आज के लिए खाद्य मदद भेज रहा है। दूसरी ओर भविष्य के संसाधनों और सहयोग पर फोकस है। इससे साफ है कि भारत अफ्रीका में बड़ी भूमिका चाहता है, जहां चीन और अमेरिका भी पहले से सक्रिय हैं। 


 
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