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भारत दुनिया का सबसे बड़ा भूजल उपयोगकर्ता: समिति ने जल शक्ति मंत्रालय को किया आगाह, सरकार ने क्या कदम उठाए?

Sun, 05 Apr 2026 08:00 PM IST
Nirmal Kant न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Sun, 05 Apr 2026 08:00 PM IST
सार

लोक लेखा समिति ने अपनी रिपोर्ट में भूजल के इस्तेमाल को लेकर सरकार को आगाह किया है और तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। समिति ने बताया कि भारत दुनिया के भूजल का कुल 25 फीसदी हिस्सा इस्तेमाल करता है। सरकार ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

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India accounts for 25% of global groundwater use, says committee, flags over-extraction
भूजल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

लोक लेखा समिति (पीएसी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत दुनिया के कुल भूजल उपयोग का करीब 25 फीसदी हिस्सा इस्तेमाल करता है। समिति ने जल शक्ति मंत्रालय से कहा कि राज्य सरकार को भूजल की अधिक निकासी रोकने लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। समिति की 41वीं रिपोर्ट 'भूजल प्रबंधन और नियमावली' में यह चेतावनी दी गई। 
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समिति की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
  • लोक लेखा समिति की रिपोर्ट एक अप्रैल को लोकसभा में पेश की गई। उसी दिन राज्यसभा में इस रिपोर्ट को पेश किया गया।
  • रिपोर्ट में कहा गया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा भूजल उपयोगकर्ता है।
  • इसमें कहा गया कि भारत में भूजल की निकासी लगभग 245 क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है। यह लगभग 25 फीसदी वैश्विक भूजल निकासी के बराबर है।
  • देश की पीने के पानी की लगभग 80 फीसदी जरूरतें और सिंचाई की 64 फीसदी जरूरतें भूजल से पूरी होती हैं। 


 

India accounts for 25% of global groundwater use, says committee, flags over-extraction
भूजल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : संवाद
मंत्रालय से तत्काल बड़े कदम उठाने की अपील 
लोक लेखा समिति ने कहा, मौजूदा पहलों को ठोस नतीजों में बदलना जरूरी है। चार राज्यों में 100 फीसदी से अधिक भूजल निकासी हुई। 267 जिलों में यह निकासी 64 फीसदी से 385 फीसदी तक थी। यह स्थायी जल उपयोग में विफलता को दर्शाता है। समिति ने मंत्रालय से तत्काल बड़े कदम उठाने और भूजल संसाधनों की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। 
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भूजल स्तर। - फोटो : अमर उजाला।
जल शक्ति मंत्रालय ने क्या कहा?
वहीं, मंत्रालय ने कहा कि वह राज्यों के साथ समन्वय कर रहा है। जल शक्ति अभियान, अटल भूजल योजना, भूजल प्रबंधन योजना और राष्ट्रीय जल विद्युत परियोजना जैसी योजनाओं को लागू कर रहा है। 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, भूजल निकासी का स्तर 2017 के 63.33 फीसदी से घटकर 59.26 फीसदी हो गया है। जो इलाके भूजल के लिए सुरक्षित माने जाते थे, उनका हिस्सा बढ़कर 62.6 फीसदी से बढ़कर 73.1 फीसदी हो गया। वहीं, अत्यधिक भूजल निकासी वाले इलाके 17 फीसदी से घटकर 11 फीसदी रह गए। 

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India accounts for 25% of global groundwater use, says committee, flags over-extraction
भूजल स्तर कम करने के लिए लगाया गया बोरवेल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
सरकार ने क्या कदम उठाए?
  • रिपोर्ट पर जल शक्ति मंत्रालय ने कहा कि मानसून के बाद 2022 में लगभग 61 फीसदी निगरानी वाले कुएं में जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई, जो सुधार के शुरुआती संकेत हैं। यह उत्साहजनक है। लेकिन गति बनाए रखना जरूरी है।
  • जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर मिशन और राष्ट्रीय भूजल भंडार मानचित्रण (नेशनल एक्विफर मैपिंग) जैसी पहलों के साथ कृत्रिम भूजल पुनर्भरण के लिए मास्टर प्लान भी लागू किया जा रहा है।
  • अटल भूजल योजना सात राज्यों में चल रही है। इसे आगे बढ़ाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि वैज्ञानिक तरीके से भूजल संसाधनों का प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। 


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