चिंताजनक हालात: हिमस्खलन से मौत के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर, उत्तराखंड बेहद संवेदनशील
भारत हिमस्खलन से मौतों के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है, जहां 1972-2022 के बीच 952 मौतें दर्ज हुईं। बढ़ते तापमान के कारण हिमालय में हिमस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके सबसे अधिक संवेदनशील हैं।
विस्तार
हिमस्खलन से होने वाली मौतों के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है, जबकि अफगानिस्तान इस सूची में सबसे ऊपर है। कोलोराडो के पहाड़ी क्षेत्रों में भी हर साल हजारों हिमस्खलन होते हैं जो स्कीयर, स्नोबोर्डर्स, हाइकर्स और स्नोमोबिलर्स के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। वहां हर साल औसतन 25 से 30 लोग अपनी जान गंवाते हैं।
क्लाइमेट चेंज ओवर द हिमालय नामक अध्ययन के अनुसार, 1951 से 2018 के बीच भारत के हिमालयी क्षेत्रों में तापमान वृद्धि मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक तेज रही है। खासतौर पर 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यह वृद्धि 0.5 डिग्री सेल्सियस प्रति दशक तक देखी गई है। इस बढ़ते तापमान के कारण हिमालय में अधिक हिमस्खलन हो रहे हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है और स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। हिमालय में 1972 से 2022 के बीच हर साल औसतन 62 लोगों की जान गई, जिससे कुल 3,100 से अधिक मौतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक 1,057 मौतें अफगानिस्तान में हुईं, जबकि भारत 952 मौतों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। नेपाल, भूटान और पाकिस्तान में भी हिमस्खलन के कारण कई जानें गईं।
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उत्तराखंड बेहद संवेदनशील
उत्तराखंड में हिमस्खलन की दृष्टि से सबसे संवेदनशील क्षेत्र उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले हैं। खासकर 3000 मीटर से ऊपर के क्षेत्र हिमस्खलन के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील हैं। माणा-बदरीनाथ क्षेत्र समुद्र तल से 3100-3300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यह हिमस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। 28 फरवरी 2025 को यहां एक बड़ा हिमस्खलन हुआ, जिसमें 55 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। राहत कार्यों के दौरान 46 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन 8 लोगों की जान चली गई। जोशीमठ मलारी-सुमना और बदरीनाथ घाटी यानी पांडुकेश्वर-लामबगड़-हनुमान चट्टी में कई मजदूर झोपड़ियों में रह रहे हैं, जो अधिकतर भूस्खलन और हिमस्खलन की संवेदनशील जगहों पर स्थित हैं।
सबसे अधिक प्रभावित देश...
रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड हिमस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित देशों में है। वहां हर साल करीब 25 लोग हिमस्खलन में मारे जाते हैं और कई मकान और सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं। ऑस्ट्रिया में भी हर साल औसतन 20-25 लोगों की मौत होती है। इटली में 2017 में रिगोपियानो में हुए हिमस्खलन में एक होटल पूरी तरह नष्ट हो गया था, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई थी। 1970 में फ्रांस के वैल डी’इसेरे स्की रिसॉर्ट में हिमस्खलन में 42 लोगों की जान गई थी। हिमस्खलन प्रभावित अन्य देशों में स्पेन, रूस, जापान, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे हैं।
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