ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिग में भारत ने लगाई 23 अंकों की छलांग, 77वें नंबर पर पहुंचा
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विश्व बैंक द्वारा बुधवार को जारी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत की रैंकिंग में पिछले दो साल 50 से ज्यादा स्थानों का सुधार हुआ है। इसी के साथ वह विश्व बैंक के शीर्ष सुधारकों के रूप में उभरा है। वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के 2014 में सत्ता में आने के समय भारत की रैंकिंग 142 थी। पीएम ने आने वाले वर्षों में भारत को शीर्ष 50 देशों की खास सूची में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।
वर्ल्ड बैंक के डेवलपमेंट इकनॉमिक्स के वरिष्ठ निदेशक और मुख्य कार्यवाहक अर्थशास्त्री शांता देवराजन ने कहा कि इस रैंकिंग में भारत को शीर्ष 50 में लाना सरकार के लिए कड़ी चुनौती है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक और अन्य सुधारों के कारण आने वाले वर्षों में भारत अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्ल्ड बैंक के बेहतर प्रदर्शन करने वालों की सूची में भी शीर्ष 10 में शामिल है। वह इस सूची में दो साल से शीर्ष 10 में जगह बनाने में कामयाब रहा है, जो दुर्लभ संयोग है। शांता ने सुधार उपक्रमों के हित में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेने और ईज ऑफ डूइंड बिजनेस की राह आसान करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की।
वहीं, वर्ल्ड बैंक के ग्लोबल इंडिकेटर्स ग्रुप की सीनियर मैनेजर रीता रामाल्हो ने कहा कि इस रैंकिंग में दो साल में 131 से 77वें स्थान पर पहुंचना भारत के लिए शानदार सुधार है। उन्होंने कहा कि भारत को शीर्ष 50 में लाना कठिन चुनौती है।
A snapshot of India's indicator wise improvement in #EaseOfDoingBusiness rankings from 2017 to 2018 pic.twitter.com/r8wWSOVYkw
— PIB India (@PIB_India) October 31, 2018
उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक हर साल आसान कारोबार वाले देशों की सूची जारी करता है। इसमें कुल 190 देश होते हैं। इस रैंकिंग में देशों को कई पैमाने पर आंका जाता है। भारत ने वर्ष 2003 से अब तक 37 बड़े सुधार लागू किए हैं। बीते वर्ष इस रिपोर्ट में दिल्ली और मुंबई को शामिल किया गया था। रिपोर्ट में किसी कारोबार को शुरू करना, कंस्ट्रक्शन परमिट, क्रेडिट मिलना, छोटे निवेशकों की सुरक्षा, टैक्स देना, विदेशों में ट्रेड, अनुबंध लागू करना और दिवालिया शोधन प्रक्रिया को आधार बनाया जाता है।
बता दें कि विशेषज्ञों का मानना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिग में सुधार होने से देश की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलने के साथ विदेशी निवेश बढ़ने से शेयर बाजार में भी तेजी आएगी। जिससे निवेशकों को इन्वेस्टमेंट पर मोटे रिटर्न मिलेंगे। इसके साथ ही विदेशी निवेश बढ़ने से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अरुण जेटली बोले- सरकार बनी थी तो हम 142वें स्थान पर थे, अब 77वें पायदान पर
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में हुए सुधार पर बोलते हुए कहा कि जब सरकार बनी थी तब हम ईज ऑफ बिसनेस रैंकिंग में 142वें स्थान पर थे, अब 77वें स्थान पर हैं। 4 साल में हमारी रैंकिंग में इतना सुधार हुआ है, जो पहले कभी नहीं हुआ।
जेटली ने आगे कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आए थे, तो उन्होंने इस इंडेक्स में 50वें पायदान पर आने की बात कही थी और हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीआईपीपी ने बारीकी से काम किया, उसने हर योग्यता पर काम किया। इसी वजह से भारत की रैंकिंग इतनी ज्यादा सुधरी है।
With all uniform construction bye-laws, from 184 in 2014 ranking we have jumped up by 129 points to 52. This is the largest single jump. It was a big corruption issue. But there has been a record improvement in ranking: Finance Minister Arun Jaitley pic.twitter.com/XZDm9Uvs7n
— ANI (@ANI) October 31, 2018