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कोरोना वायरस: सरकार ने घरेलू स्तर पर मेडिकल सामान बनाने की बढ़ाई रफ्तार
Sun, 26 Apr 2020 08:09 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 26 Apr 2020 08:09 AM IST
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नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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भारत ने कोरोना वायरस महामारी के प्रबंधन के लिए जरूरी कुछ आवश्यक चिकित्सा वस्तुओं की अपनी घरेलू विनिर्माण क्षमता को बढ़ा दिया है। इसके अलावा कई घरेलू निर्माताओं को वेंटिलेटर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और यहां तक कि श्वसन मास्क बनाने के लिए ऑर्डर दिए जा रहे हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी।
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लगभग एक महीने पहले सरकार इन सभी चीजों का आयात कर रही थी। अब भारत रोजाना एक लाख पीपीई किट और एन-95 मास्क बना रहा है। अधिकारी ने बताया पीपीई की लगभग 104 घरेलू और एन-95 मास्क बनाने वाली तीन कंपनियों की पहचान की गई है। वेंटिलेटर बनाने वाली नौ घरेलू कंपनियों की पहचान हुई है और उन्होंने सरकार से ऑर्डर मिलने के बाद 59,000 यूनिट का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
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अधिकारी ने कहा, 'पहले सब कुछ आयात किया जा रहा था लेकिन अब हम एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में कामयाब रहे हैं जिसमें इन उत्पादों को घरेलू स्तर पर निर्मित किया जा रहा है। इन कंपनियों को हमारी आवश्यकता को पूरा करने के लिए जरूरी संख्याओं के निर्माण को पूरा करने में बेशक कुछ समय लग सकता है लेकिन हमने एक शानदार शुरुआत की है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने शनिवार को कोरोना वायरस बीमारी को लेकर मंत्री समूह की 13वीं उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। जिसमें आइसोलेशन बेड, वार्ड, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), एन-95 मास्क, ड्रग्स, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य उपकरणों की पर्याप्तता की समीक्षा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत वायरस के तीसरे चरण (सामुदायिक प्रसार) में जाने से बच गया है। इस चरण में वायरस के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। असल में हम पूरी तरह से तैयार हैं। कहीं भी किसी भी चिकित्सा उपकरण की कमी नहीं है।'