{"_id":"6713e347a9a31e9adc058a11","slug":"india-proposes-mineral-sharing-agreement-to-america-electric-vehicle-companies-will-get-benefits-2024-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-US: भारत ने अमेरिका को दिया खनिज साझेदारी समझौते का प्रस्ताव, इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को मिलेगा लाभ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
India-US: भारत ने अमेरिका को दिया खनिज साझेदारी समझौते का प्रस्ताव, इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को मिलेगा लाभ
Sat, 19 Oct 2024 10:20 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 19 Oct 2024 10:20 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैंने महत्वपूर्ण खनिज एमओयू को साझेदारी समझौते में बदलने का सुझाव दिया है। यह मुक्त व्यापार समझौते की दिशा अहम पहल होगी।
विज्ञापन
पीयूष गोयल
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत ने अमेरिका को महत्वपूर्ण खनिज साझेदारी समझौते का प्रस्ताव दिया है। इससे भारत की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को अमेरिकी बाजार में बड़ा लाभ मिलेगा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि हाल ही अमेरिका यात्रा के दौरान मैनें भारत की ओर से यह मुद्दा उठाया। हालांकि इस दौरान भारत-अमेरिका के बीच खनिज आपूर्ति बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैंने महत्वपूर्ण खनिज एमओयू को साझेदारी समझौते में बदलने का सुझाव दिया है। यह मुक्त व्यापार समझौते की दिशा अहम पहल होगी। हालांकि अमेरिका अभी किसी भी देश के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अमेरिका और जापान ने खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अगर भारत और अमेरिका के बीच खनिज साझेदारी हो जाती है तो भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में काफी मदद मिलेगी। अगर खनिज एमओयू अगर साझेदारी समझौते में बदल जाता है तो इसे व्यापार सौदे का दर्जा मिल जाएगा। इससे भारत को इलेक्ट्रिक वाहन टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका यात्रा के दौरान कुछ अमेरिकी कंपनियों ने भारत में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई। इसमें एक कंपनी एआई के लिए डाटा सेंटर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में 10 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश पर विचार कर रही है। इसके अलावा तकनीकी के हस्तांतरण को लेकर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसके अलावा फार्मा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने को लेकर बात हुई। इसके अलावा अमेरिकी कंपनियां बायोसिमिलर और बायो-साइंस जैसे क्षेत्रों में भी निवेश को उत्सुक हैं। यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो के साथ यूएस-भारत सीईओ फोरम की बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। इसमें व्यापार कानूनों को अपराधमुक्त करने, पूंजी के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने, नियामकों को एक-दूसरे से अधिक बार बात करने समेत कई समझौतों को लेकर चर्चा की गई। फोरम का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एच1बी वीजा अब गुजरे जमाने की बात हो गई है। मैनें कंपनियों को भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा भारत न्यूयॉर्क और सिलिकॉन वैली में निवेश कार्यालय खोलने पर विचार कर रहा है। इसमें इन्वेस्ट इंडिया और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) के प्रतिनिधि होंगे और भारत में निवेश में सहायता करेंगे। यात्रा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा पर हरित हाइड्रोजन पर भी चर्चा की गई।
संबंधित वीडियो