{"_id":"63ef9acfe62414927c0dbdf3","slug":"india-procurement-of-crude-oil-at-lowest-price-from-russia-furthering-g7-approach-2023-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-US: जब न चली तो अब खुद को सांत्वना दे रहा अमेरिका, रूस से सस्ता तेल खरीदने के भारत के कदम को ठहराया सही","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
India-US: जब न चली तो अब खुद को सांत्वना दे रहा अमेरिका, रूस से सस्ता तेल खरीदने के भारत के कदम को ठहराया सही
Fri, 17 Feb 2023 08:52 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 17 Feb 2023 08:52 PM IST
सार
अमेरिकी अधिकारी आर पायट ने कहा कि भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख वैश्विक साझेदारों में से एक देश है और रियायती रूसी कच्चे तेल की बढ़ती खरीद में कोई विरोधाभास नहीं है।
विज्ञापन
जो बाइडन और पीएम मोदी
- फोटो : Social media
विस्तार
रूस से सस्ते तेल खरीदने की भारत की नीति पर कभी आंख दिखाने वाला अमेरिका आज खुद को सांत्वना देने को मजबूर है। दरअसल, लगातार दबाव बनाने के बाद जब भारत ने अमेरिका की बात नहीं मानी तो अब बाइडन प्रशासन सॉफ्ट कॉर्नर दिखाने लगा है। अमेरिकी ऊर्जा संसाधन राज्य के सहायक सचिव जेफ्री आर पायट ने एक विशेष साक्षात्कार में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि , भारत के रूस से सस्ता में तेल खरीदने से अमेरिका को कोई परेशानी नहीं है क्योंकि भारत रूस के राजस्व को कम करने के लिए G7 देशों की नीति को आगे बढ़ा रहा है। अमेरिका ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर नई दिल्ली के साथ सहज है।
विज्ञापन
अमेरिकी अधिकारी आर पायट ने कहा कि भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख वैश्विक साझेदारों में से एक देश है और रियायती रूसी कच्चे तेल की बढ़ती खरीद में कोई विरोधाभास नहीं है। अमेरिकी अधिकारी की इस टिप्पणी को भारत द्वारा रूस से रियायती कच्चे तेल की बढ़ती खरीद पर बाइडन प्रशासन की स्थिति की पहली ऐसी स्पष्ट अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन
पायट ने 16-17 फरवरी को नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान कहा कि भारत ऊर्जा परिवर्तन के आसपास हर चीज पर अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार है और दोनों पक्ष हरित हाइड्रोजन के क्षेत्रों सहित सहयोग का विस्तार करने के लिए विकल्पों की एक सरणी देख रहे हैं।
विज्ञापन