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G20: पूर्व विदेश सचिव का सुझाव, वैश्विक मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत को चीन, रूस और जी-7 को लाना होगा साथ
Sun, 19 Mar 2023 06:32 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sun, 19 Mar 2023 06:32 AM IST
सार
पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में चल रहे जी-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट में कहा, भारत की अध्यक्षता में जी-20 शिखर सम्मेलन का आदर्श वाक्य, वसुधैव कुटुम्बकम (एक विश्व, एक परिवार) है। यह भारत की विदेश नीति को पूरी दुनिया तक पहुंचाने का अवसर है।
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Harsh Vardhan Shringla
- फोटो : ANI
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विस्तार
दुनिया में ध्रुवीकरण जी-20 के सदस्यों के बीच भी परिलक्षित हो रहा है, लेकिन भारत को जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर काम करने के लिए सभी को साथ लाने और सहमति बनाने की जरूरत है। यह बात पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में चल रहे जी-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट में शनिवार को कही। उन्होंने कहा, भारत की अध्यक्षता में जी-20 शिखर सम्मेलन का आदर्श वाक्य, वसुधैव कुटुम्बकम (एक विश्व, एक परिवार) है। यह भारत की विदेश नीति को पूरी दुनिया तक पहुंचाने का अवसर है।
उन्होंने कहा, आपके पास एक तरफ जी-7, अमेरिका, यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं। दूसरी ओर, रूस और चीन हैं। भारत को जी-20 अध्यक्षता में रूस, चीन जी-7 को साथ लाकर उन मुद्दों पर सहमति बनाने की जरूरत है, जो दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, भारत देशों के बीच मतभेदों की बात को समझता है, लेकिन दुनिया को सतत विकास, वैश्विक ऋण, जलवायु परिवर्तन से संबंधित समस्याओं का समाधान देने की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा, आपके पास एक तरफ जी-7, अमेरिका, यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं। दूसरी ओर, रूस और चीन हैं। भारत को जी-20 अध्यक्षता में रूस, चीन जी-7 को साथ लाकर उन मुद्दों पर सहमति बनाने की जरूरत है, जो दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, भारत देशों के बीच मतभेदों की बात को समझता है, लेकिन दुनिया को सतत विकास, वैश्विक ऋण, जलवायु परिवर्तन से संबंधित समस्याओं का समाधान देने की आवश्यकता है।
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