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China-Pakistan Naval Nexus: चीन-पाक नौसैनिक गठजोड़ पर संसद समिति की चेतावनी, भारत को सक्रिय रहने की दी सलाह

Wed, 18 Mar 2026 12:35 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivam Garg Updated Wed, 18 Mar 2026 12:35 AM IST
सार

संसदीय समिति ने चीन-पाकिस्तान नौसैनिक गठजोड़ को भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। रिपोर्ट में भारत को अपनी समुद्री ताकत बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने की सलाह दी गई है।

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India Must Stay Proactive Amid Rising China-Pakistan Naval Nexus Says Parliamentary Panel
चीन और पाकिस्तान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

संसद की विदेश मामलों की समिति ने चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते नौसैनिक सहयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि भारत को इस उभरते खतरे से निपटने के लिए पहले से ज्यादा सक्रिय रणनीति अपनानी चाहिए। समिति, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं, ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीन-पाकिस्तान का बढ़ता नौसैनिक गठजोड़ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
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हिंद महासागर में बढ़ता दबदबा
रिपोर्ट के अनुसार, हिंद महासागर क्षेत्र भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत की 7500 किलोमीटर लंबी तटरेखा और विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र इसे वैश्विक समुद्री व्यापार का अहम केंद्र बनाते हैं। करीब 90 प्रतिशत भारतीय व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होता है, जिसमें तेल आयात भी शामिल है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी
समिति ने कहा कि चीन तेजी से अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ा रहा है। हर साल बड़ी संख्या में नए युद्धपोत शामिल किए जा रहे हैं, जिससे वह दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन चुका है। इसके साथ ही, चीन की "स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत समुद्री ठिकानों का विस्तार क्षेत्रीय संतुलन को बदल रहा है।
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चीन-पाकिस्तान की बढ़ती साझेदारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और पाकिस्तान के बीच नौसैनिक सहयोग न सिर्फ संयुक्त सैन्य अभ्यास को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि पाकिस्तान की नौसेना के आधुनिकीकरण में भी मदद कर रहा है। यह स्थिति क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है और भारत के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है।


भारत के लिए क्या सुझाव?
समिति ने सरकार को कई अहम सुझाव दिए हैं:-
  • समुद्री निगरानी (MDA) को मजबूत करने के लिए सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाया जाए।
  • आधुनिक युद्धपोत, पनडुब्बियां और निगरानी विमान शामिल किए जाएं।
  • क्वाड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए रणनीतिक साझेदारी मजबूत की जाए।
  • हिंद महासागर के तटीय देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाया जाए।
बहु-मंत्रालयी टास्क फोर्स की सिफारिश
समिति ने यह भी सुझाव दिया कि इस जटिल रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी कार्य बल बनाई जाए, जिसमें विदेश, रक्षा, वाणिज्य, पर्यावरण और गृह मंत्रालय शामिल हों।

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