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India-Maldives: भारत-मालदीव की दूसरी कोर ग्रुप की बैठक, भारतीय सैनिकों के मुद्दे पर चर्चा; जानिए पूरा मामला
Fri, 02 Feb 2024 06:19 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 02 Feb 2024 06:19 PM IST
सार
मालदीव में भारतीय सैनिकों की तैनाती के मुद्दे पर भारत और मालदीव के बीच दूसरे कोर ग्रुप की बैठक हुई। भारत-मालदीव उच्च स्तरीय कोर ग्रुप की दूसरी बैठक दो सप्ताह से ज्यादा वक्त से दिल्ली में चल रही है। गौरतलब है कि पिछले माह मालदीव के राष्ट्रपति मोइम्मद मुइज्जू ने भारतीय सैनिकों को वापस जाने का 15 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है।
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Maldieves and India Flag
विस्तार
मालदीव में भारतीय सैनिकों की तैनाती के मुद्दे पर भारत और मालदीव के बीच दूसरे कोर ग्रुप की बैठक हुई। भारत-मालदीव उच्च स्तरीय कोर ग्रुप की दूसरी बैठक दो सप्ताह से ज्यादा वक्त से दिल्ली में चल रही है। मालदीव के माले में हुई पहली बैठक में ठोस परिणाम नहीं निकला था। बता दें पिछले वर्ष के दिसंबर माह में दुबई में COP28 शिखर सम्मेलन के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के बीच एक बैठक के बाद दोनों पक्षों ने कोर ग्रुप स्थापित करने का निर्णय लिया था।
भारतीय सैनिकों की वापसी का मुइज्जू का अल्टीमेटम
गौरतलब है कि पिछले माह मालदीव के राष्ट्रपति मोइम्मद मुइज्जू ने भारतीय सैनिकों को वापस जाने का 15 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। वर्तमान में लगभग 80 भारतीय सैनिक मुख्य रूप से दो हेलीकॉप्टर और एक विमान संचालित करने के लिए मालदीव में हैं, जिन्होंने सैकड़ों चिकित्सा निकासी और मानवीय मिशनों को अंजाम दिया था। नवंबर में मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ तनाव आ गया है।
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मुइज्जू अपने चुनावी वायदे पर अड़े
मालदीव के राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने कहा कि वह भारतीय सैन्य कर्मियों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे। बता दें 45 वर्षीय मुइज्जू ने पिछले साल सितंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराया था। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक पडो़सी राष्ट्रों में से एक हैं। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों में मालदीव की पिछली सरकार के तहत प्रगति देखी गई।
भारत-मालदीव की पहली कोर ग्रुप की बैठक रही विफल
मुइज्जू ने 17 नवंबर को मालदीव के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 14 जनवरी को हुई पहली कोर ग्रुप की बैठक के बाद, विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव के लोगों को मानवीय और चिकित्सा निकासी सेवाएं देने वाले भारतीय विमानन प्लेटफार्मों के संचालन को चालू रखने के समाधान पर विचार किया गया था।
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भारतीय सैनिकों की वापसी का मुइज्जू का अल्टीमेटम
गौरतलब है कि पिछले माह मालदीव के राष्ट्रपति मोइम्मद मुइज्जू ने भारतीय सैनिकों को वापस जाने का 15 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। वर्तमान में लगभग 80 भारतीय सैनिक मुख्य रूप से दो हेलीकॉप्टर और एक विमान संचालित करने के लिए मालदीव में हैं, जिन्होंने सैकड़ों चिकित्सा निकासी और मानवीय मिशनों को अंजाम दिया था। नवंबर में मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ तनाव आ गया है।
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#WATCH | Delhi: Maldives delegation leaves from the office of the Ministry of External Affairs after attending the 2nd core group meeting over the presence of Indian personnel in Maldives. pic.twitter.com/tsdUwW1i2F
— ANI (@ANI) February 2, 2024
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मुइज्जू अपने चुनावी वायदे पर अड़े
मालदीव के राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने कहा कि वह भारतीय सैन्य कर्मियों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे। बता दें 45 वर्षीय मुइज्जू ने पिछले साल सितंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराया था। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक पडो़सी राष्ट्रों में से एक हैं। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों में मालदीव की पिछली सरकार के तहत प्रगति देखी गई।
भारत-मालदीव की पहली कोर ग्रुप की बैठक रही विफल
मुइज्जू ने 17 नवंबर को मालदीव के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 14 जनवरी को हुई पहली कोर ग्रुप की बैठक के बाद, विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव के लोगों को मानवीय और चिकित्सा निकासी सेवाएं देने वाले भारतीय विमानन प्लेटफार्मों के संचालन को चालू रखने के समाधान पर विचार किया गया था।