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चीन-पाक को चुनौती : भारत में निर्मित सात लाख बारूदी सुरंगों से सीमा पर बनेगी पहली रक्षा पंक्ति
Wed, 22 Dec 2021 05:46 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, पुणे।
एजेंसी, पुणे।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 22 Dec 2021 05:46 AM IST
सार
सूत्रों ने बताया कि निपुन, विभव और विशाल के अलावा तीन से अधिक नई बारूदी सुरंगें सेना में निकट भविष्य में शामिल की जा सकती हैं।
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थल सेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारत में निर्मित सात लाख निपुन बारूदी सुरंगों के जरिए चीन और पाकिस्तान सीमा पर रक्षा की पहली पंक्ति बनाई जाएगी। यह मानव-रोधी सुरंगें आरडीएक्स के मिश्रण से तैयार की जा रही हैं। थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने मंगलवार को बताया कि इनकी तरह ही भारत में बनीं विभव और विशाल एंटी-टैंक बारूदी सुरंगों का परीक्षण भी एडवांस स्टेज पर किया जा रहा है जो सीमा पर लगाई जा सकती हैं।
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भारत द्वारा बनाए कवचयुक्त इंजीनियर निगरानी वाहन के 53 में से पहले बैच के 14 वाहनों को सेना में शामिल करने के मौके पर सेनाध्यक्ष ने बताया कि सेना में नई शामिल होने जा रही बारूदी सुरंगें डीआरडीओ द्वारा प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के साथ विकसित की गई हैं। इन्हें सेना की जरूरतें पूरी करने के योग्य पाया गया तो आने वाले समय में शामिल कर लिया जाएगा।
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तीन और सुरंगें भी होंगी शामिल
सूत्रों ने बताया कि निपुन, विभव और विशाल के अलावा तीन से अधिक नई बारूदी सुरंगें सेना में निकट भविष्य में शामिल की जा सकती हैं। इनमें प्रचंड, उल्का और पार्थ प्रमुख हैं।
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