India-Japan: हिंद-प्रशांत में चीन की चुनौतियों से निपटेंगे भारत-जापान, सुरक्षा सहयोग की प्रगति पर जताई सहमति
दिल्ली में आयोजित तीसरी विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता में भारत और जापान समग्र रणनीतिक संबंधों को और विस्तार देने की इच्छा जताई। इसके लिए दोनों देश सुरक्षा सहयोग के एक नए ढांचे को तैयार करने पर भी सहमत हुए।
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भारत और जापान ने मंगलवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक सैन्य स्थिति से निपटने के लिए जोरदार तरीके से काम करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों ने कहा कि वे स्वतंत्र और नियम आधारित हिंद- प्रशांत सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं। दिल्ली में आयोजित तीसरी विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता में भारत और जापान समग्र रणनीतिक संबंधों को और विस्तार देने की इच्छा जताई। इसके लिए दोनों देश सुरक्षा सहयोग के एक नए ढांचे को तैयार करने पर भी सहमत हुए। वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया, जबकि जापान की ओर से विदेश मंत्री योको कामिकावा और रक्षा मंत्री किहारा मिनोरू मौजूद रहे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कहा?
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, स्वतंत्र और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र दोनों देशों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। जैसे-जैसे हम दोनों अस्थिर और अप्रत्याशित विश्व की ओर बढ़ रहे हैं, हमें ऐसे विश्वसनीय साझेदारों की आवश्यकता है, जिनके साथ पर्याप्त तालमेल हो। उन्होंने कहा, भारत और जापान ने एक-दूसरे के उद्देश्यों को समझने और एक-दूसरे की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में मिलकर लगातार काम कर रहे हैं। हमारे बीच रणनीतिक साझेदारी यूं ही बढ़ती रहेगी। इस दौरान भारत ने जापान से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के साझाकरण में मौजूद नियामक बाधाओं को दूर करने का भी आह्वान किया।
भारत के विकसित राष्ट्र बनने में जापान अहम भूमिका निभाएगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने में जापान अहम भूमिका निभाएगा। उसके साथ रक्षा उद्योग क्षेत्रों में साझेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, भारत और जापान के बीच सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध बढ़े हैं। रक्षा इन संबंधों में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा, घरेलू रक्षा क्षमताओं का निर्माण इस विजन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। रक्षा प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्र में जापान के साथ साझेदारी भारत के इस विजन को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रक्षा मंत्री ने कहा, मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्रता, समावेशिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह हमारी साझेदारी महत्वपूर्ण है।
भारत के साथ 2+2 वार्ता करने वाला जापान चौथा देश
भारत के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने 2+2 वार्ता से पहले अपने जापानी समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की। जापान के साथ 2+2 वार्ता द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और गहरा करने तथा दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। भारत का 2+2 अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस के बाद जापान से ही है।
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