BIMSTEC Youth Summit: पहली बार भारत में हो रहा सम्मेलन, गुजरात मेजबान, क्षेत्रीय सहयोग पर होगी विस्तृत चर्चा
यह सम्मेलन चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में की गई घोषणा के बाद आयोजित हो रहा है। इसका आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसमें भारतीय उद्योग परिसंघ के युवा भारतीय (सीआईआई वाईआई) ज्ञान भागीदार के रूप में शामिल हैं।
विस्तार
भारत गुजरात के गांधीनगर में पहली बार बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल (बिम्सटेक) युवा शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा जारी विज्ञाप्ति के अनुसार, यह सम्मेलन 7 से 11 फरवरी तक चलेगा। यह शिखर सम्मेलन बिम्सटेक देशों के युवा नेताओं को क्षेत्रीय सहयोग और उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने का एक मंच प्रदान करेगा।
यह सम्मेलन चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में की गई घोषणा के बाद आयोजित हो रहा है। इसका आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसमें भारतीय उद्योग परिसंघ के युवा भारतीय (सीआईआई वाईआई) ज्ञान भागीदार के रूप में शामिल हैं।
Ministry of External Affairs issues a circular for the 1st BIMSTEC Youth Summit scheduled to be held in Gandhinagar from 7-11 February 2025.
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"To foster regional cooperation spirit among the youth of the Bay of Bengal region, India is hosting the 1st BIMSTEC (Bay of Bengal… pic.twitter.com/Qm3ih2Yc5J— ANI (@ANI) February 8, 2025
इन्होंने किया सम्मेलन का उद्घाटन
इस सम्मेलन का उद्घाटन 8 फरवरी को युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य मंत्री रक्षा खडसे और सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने किया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, डिजिटल कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा, सतत विकास और तकनीकी प्रगति जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'यह पहल 'पड़ोसी पहले' नीति, 'एक्ट ईस्ट' नीति और सागर विजन के अनुरूप क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।'
क्षेत्रीय सहयोग ढांचे के साथ जुड़ा है शिखर सम्मेलन
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग ढांचे के साथ भी जुड़ा हुआ है, जिसमें 'पड़ोसी पहले' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियां, साथ ही 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (सागर)' दृष्टिकोण शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के नेतृत्व वाले सहयोग और ज्ञान-साझाकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करना है।
युवाओं को क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने में सक्रिय रूप से शामिल करना उद्देश्य
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने में सक्रिय रूप से शामिल करना है। इसमें आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए समाधान तलाशने और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के 70 से अधिक युवा प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। प्रतिभागियों में मंत्री, संसद सदस्य, महापौर, उद्यमी, प्रौद्योगिकी विकासकर्ता, सांस्कृतिक हस्तियां, सोशल मीडिया प्रभावित और नागरिक समाज के नेता शामिल हैं।
इस पहल से युवाओं के नेतृत्व वाली भागीदारी और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।