भारत ने इजराइल के साथ किया बड़ा रक्षा सौदा, खरीदीं 560 मिसाइल
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पीएम मोदी के इजराइल दौरे से पहले गुरुवार को भारत ने इजराइल के साथ 2 अरब डॉलर का बड़ा रक्षा सौदा किया है। सतह से हवा में मार करने वाली ये आधुनिक मिसाइल (SAM) 70 किलोमीटर तक की दूरी में एयरक्राफ्ट, मिसाइल और ड्रोन को ध्वस्त करने में सक्षम है। पीएम मोदी की जुलाई में होने वाली इजराइल यात्रा से पहले ये रक्षा सौदा बेहद अहम माना जा रहा है।
रक्षा सूत्र बताते हैं कि ये बड़ा करार डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) के बीच सैम सिस्टम से लैस मीडियम रेंच की बराक-8 की 560 मिसाइल और 16 लॉन्चर्स का है।
मोदी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) ने फरवरी में साफ कर दिया था कि सेना के लिए एमआर- सैम प्रोजेक्ट की कुल लागत 16830 करोड़ की होगी इसमें से ये 1,500 करोड़ रुपये की यह पहली किश्त है।
खरीद से पहले ही सौदे पर उठ रहे सवाल
यह परियोजना डीआरडीओ-आईएआई 10,076 करोड़ के चल रहे अन्य दो कार्यक्रमों के समान ही है जिसमें 9 एयर स्कावर्डन का सौदा शामिल है।
MF-STARs (सर्विलांस और थ्रेट अलर्ट की सुविधा) सिस्टम्स से हथियारों को नियंत्रित करने, हवा में किसी खतरे को 100 किलोमीटर के दायरे में भांपने और 70 किलोमीटर तक किसी खतरे को तबाह किया जा सकता है। इस सिस्टम के जरिए भारत हवाई सुरक्षा को और मजबूती देने जा रहा है।
हालांकि इस सैम सिस्टम को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनमें इनकी भारी लागत समेत इनकी डिलिवरी तक में देरी की बात शामिल है। नौसेना के सैम प्रोजेक्ट के तहत 9 स्क्वार्डन को सीसीए ने 2005 में मंजूरी दी थी। इस प्रोजेक्ट को मई 2011 तक पूरा होना था, लेकिन देरी की वजह से अब इसकी तारीख दिसंबर 2017कर दी गई है।