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CPI: 'भारत गंभीर दौर से गुजर रहा है, वाम दलों की एकता जरूरी', डी राजा बोले- देश को भाजपा राज से मुक्त कराएंगे
Mon, 29 Sep 2025 10:12 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 29 Sep 2025 10:12 PM IST
सार
सीपीआई महासचिव डी. राजा ने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि जैसे हमने देश को ब्रिटिश राज से मुक्त कराया, वैसे ही इसे भाजपा राज से मुक्त कराएंगे। उन्होंने दोहराया कि भाजपा-आरएसएस संविधान की बुनियादी मूल्यों को खतरे में डाल रहे हैं और इस खतरे से निपटने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर लड़ना होगा।
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डी. राजा, महासचिव, सीपीआई
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी राजा ने सोमवार को कहा कि भारत इस समय बेहद गंभीर दौर से गुजर रहा है। उन्होंने वाम दलों की एकता और विपक्षी इंडिया गठबंधन में आपसी भरोसे को मजबूत करने की अपील की, ताकि भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सके। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, 'भाजपा और आरएसएस ने राजनीतिक सत्ता पर कब्जा कर लिया है। वे चुनावी तानाशाही के जरिए हमारे संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढांचे को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं। मोदी सरकार देश को तानाशाही की ओर ले जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो यह राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी विपत्ति होगी, जिसकी चेतावनी पहले ही भीमराव अंबेडकर ने दी थी।'
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'देश को भाजपा राज से मुक्त कराएंगे'
डी. राजा ने कहा कि भाजपा-आरएसएस लोगों को धर्म के नाम पर ध्रुवीकृत कर रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे पार्टी कांग्रेस में यह तय हुआ कि हमें भाजपा और आरएसएस के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करना होगा। वाम दलों और कम्युनिस्ट दलों के बीच एकता आज की ऐतिहासिक जरूरत है।' सीपीआई नेता ने दावा किया कि उनकी पार्टी सबसे पहले भारत की आजादी का नारा देने वाली पार्टी थी। उन्होंने कहा, 'हमने देश को ब्रिटिश राज से मुक्त कराया था, अब हम इसे भाजपा राज से मुक्त कराएंगे।'
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'BJP-RSS के विकल्प के रूप में सामने आए इंडिया गठबंधन'
इंडिया गठबंधन पर बोलते हुए डी. राजा ने कहा कि इस मंच का मकसद सिर्फ चुनाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'गठबंधन के दलों को एक-दूसरे पर भरोसा करना होगा। सिर्फ चुनाव के समय या सीट-बंटवारे पर चर्चा के लिए सक्रिय होना पर्याप्त नहीं है। हमें लोगों की आजीविका से जुड़े आर्थिक मुद्दों पर भी ठोस एजेंडा तैयार करना होगा और भाजपा-आरएसएस के विकल्प के रूप में सामने आना होगा।'
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सीट-बंटवारे को लेकर डी. राजा ने किया आगाह
उन्होंने विपक्षी दलों को चेतावनी दी कि अगर सीट-बंटवारे में आपसी सहमति नहीं बनी, तो हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे हालात दोबारा देखने को मिल सकते हैं। आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि सीपीआई और अन्य वाम दलों को उचित संख्या में सीटें मिलेंगी।
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'देश को भाजपा राज से मुक्त कराएंगे'
डी. राजा ने कहा कि भाजपा-आरएसएस लोगों को धर्म के नाम पर ध्रुवीकृत कर रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे पार्टी कांग्रेस में यह तय हुआ कि हमें भाजपा और आरएसएस के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करना होगा। वाम दलों और कम्युनिस्ट दलों के बीच एकता आज की ऐतिहासिक जरूरत है।' सीपीआई नेता ने दावा किया कि उनकी पार्टी सबसे पहले भारत की आजादी का नारा देने वाली पार्टी थी। उन्होंने कहा, 'हमने देश को ब्रिटिश राज से मुक्त कराया था, अब हम इसे भाजपा राज से मुक्त कराएंगे।'
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'BJP-RSS के विकल्प के रूप में सामने आए इंडिया गठबंधन'
इंडिया गठबंधन पर बोलते हुए डी. राजा ने कहा कि इस मंच का मकसद सिर्फ चुनाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'गठबंधन के दलों को एक-दूसरे पर भरोसा करना होगा। सिर्फ चुनाव के समय या सीट-बंटवारे पर चर्चा के लिए सक्रिय होना पर्याप्त नहीं है। हमें लोगों की आजीविका से जुड़े आर्थिक मुद्दों पर भी ठोस एजेंडा तैयार करना होगा और भाजपा-आरएसएस के विकल्प के रूप में सामने आना होगा।'
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सीट-बंटवारे को लेकर डी. राजा ने किया आगाह
उन्होंने विपक्षी दलों को चेतावनी दी कि अगर सीट-बंटवारे में आपसी सहमति नहीं बनी, तो हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे हालात दोबारा देखने को मिल सकते हैं। आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि सीपीआई और अन्य वाम दलों को उचित संख्या में सीटें मिलेंगी।