{"_id":"65bd56f691455a2ad70dc875","slug":"india-emerged-as-friend-and-consensus-builder-in-world-following-successful-g20-presidency-s-jaishankar-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"G20: जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद आम राय बनाने वाले देश के रूप में उभरा भारत, विदेश मंत्री जयशंकर का बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
G20: जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद आम राय बनाने वाले देश के रूप में उभरा भारत, विदेश मंत्री जयशंकर का बयान
Sat, 03 Feb 2024 02:26 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 03 Feb 2024 02:26 AM IST
सार
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद दुनिया में भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आम राय बनाने वाले देश के रूप में बनी है।
विज्ञापन
विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : ANI
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की जी-20 अध्यक्षता को देश के राजनयिक इतिहास का 'उल्लेखनीय काल' बताया है। जयशंकर ने शुक्रवार को दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा कि जी-20 की सफल अध्यक्षता के बाद दुनिया में भारत की छवि एक मित्र राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आम राय बनाने वाले देश के रूप में बनी है।
विज्ञापन
जयशंकर ने अपने संबोधन में भारत द्वारा पिछले साल सितंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध पर मतभेदों के बावजूद नेताओं की घोषणा तैयार करने में मिली सफलता का उल्लेख किया। घोषणा में यूक्रेन युद्ध को शामिल करने के भाग पर मतभेदों को खत्म करने के लिए हुई वार्ताओं का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि सहमति पर पहुंचने से पहले हमारे लिए अंतिम 48 घंटे काफी रोमांचक थे।
विज्ञापन
'इंडिया एंड द फ्यूचर ऑफ जी-20: शेपिंग पॉलिसीज फॉर अ बेटर वर्ल्ड' नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर जयशंकर ने कहा, भारत के दृष्टिकोण से, हमारे लिए जी-20 आज दुनिया में एक विश्वमित्र, एक मित्र, एक आम सहमति निर्माता, एक पुल निर्माता के रूप में उभरने की हमारी क्षमता का परीक्षण था। उन्होंने कहा कि बहुपक्षवाद को पटरी पर लाने से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अफ्रीका को दी गई गारंटी को पूरा करने तक, जी-20 अध्यक्षता में हमने बहुत कुछ हासिल किया, जिस पर भारत को गर्व होना चाहिए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि भारत की अध्यक्षता में 55 देशों वाले अफ्रीकी संघ (एयू) को दुनिया की 20 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-20 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। इसे 2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता में बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा गया।