फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India demands from world trade organization for not give the patents rights of corona vaccine, World Health Organization support this demands

बड़ा कदम: भारत ने की कोरोना वैक्सीन को पेटेंट न कराने की मांग, कई देशों ने किया समर्थन

Thu, 11 Mar 2021 06:17 PM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Mar 2021 06:17 PM IST
सार

  • कोरोना वैक्सीन को दुनियाभर में पहुंचाने की कवायद में अपने देश का बड़ा दांव,
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी किया पुरजोर समर्थन

विज्ञापन
India demands from world trade organization for not give the patents rights of corona vaccine, World Health Organization support this demands
कोरोना वैक्सीन - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

पूरी दुनिया में भारत ने यह कहकर कि कोरोना वैक्सीन को पेटेंट के दायरे से बाहर रखकर विश्व व्यापार संगठन इसे दुनिया के सभी मुल्कों में पहुंचाने की अनुमति दे। भारत की इस जायज और लोगों की मदद के लिए की जाने वाली मांग का विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी पुरजोर समर्थन किया है। देश के वैज्ञानिकों ने भारत के इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि ऐसा करके भारत ने न सिर्फ अपना बड़ा दिल दिखाया है बल्कि दुनिया में एक वैश्विक नेता के तौर पर खुद को स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी बढ़ाया है।

विज्ञापन


दुनियाभर में वैक्सीन रिसर्च के क्षेत्र में अपनी अलग धाक जमाने वाले कसौली के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के पूर्व निदेशक और चंडीगढ़ पीजीआई के पैरासाइटोलॉजी विभाग के हेड प्रोफेसर राकेश सहगल कहते हैं कि भारत ने वैक्सीन को पूरी दुनिया में पहुंचाने की वकालत कर के खुद को बहुत आगे कर लिया है। प्रोफेसर सहगल के मुताबिक बौद्धिक संपदा अधिकारों को माफ करने की बात करना ही यह बताता है कि आप मानवीय पहलुओं को सबसे ज्यादा तरजीह देते हैं।
विज्ञापन


पूर्व निदेशक प्रोफेसर सहगल का मानना है कि हमारे वैज्ञानिकों ने जिस तरीके से वैक्सीन को बनाने में मेहनत की है अगर उसका फायदा पूरी दुनिया को मिले तो निश्चित तौर पर इस बीमारी पर जल्द से जल्द अंकुश लगाया जा सकता है। राकेश सहगल बताते हैं कि बौद्धिक संपदा अधिकारों को माफ करने का मतलब होता है हम अपनी किसी भी तकनीकी को दुनिया के मुल्कों के साथ साझा करके उन्हें उस दवाई को बनाने में मदद करें। इसके अलावा विश्व व्यापार संगठन के माध्यम से अपने देश में निर्मित किसी भी दवाई या किसी भी प्रकार के उत्पाद को दुनिया के बाजार में खुले तौर पर पहुंचा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने भी भारत का समर्थन किया है। विश्व स्वास्थ संगठन के चीफ ने विश्व व्यापार संगठन से अनुरोध किया है कि विशेष आपातकालीन प्रावधानों मैं बौद्धिक संपदा अधिकारों को माफ करना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि भारत ने एक बेहतरीन कदम लोगों की जिंदगी बचाने के लिए उठाया है।


भारत की इस मुहिम को दुनियाभर के 58 से ज्यादा मुल्कों ने समर्थन दिया है। हालांकि अमेरिकी सीनेटरों ने इसका विरोध जरूर किया बावजूद इसके कुछ अमेरिकी सीनेटरों ने इसका समर्थन भी किया है। यूरोपीय संघ समेत कुछ अन्य मुल्कों ने भी मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के इस कदम से उसके सहयोगी देश खुश है कि अगर विश्व व्यापार संगठन इस बात को मान लेता है तो भारत वैश्विक समुदाय में बड़े लीडर के तौर पर सामने उभर कर आएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed