फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   China said Arunachal Pradesh is part of Tibet and not answered about five missing Indians

चीन ने अरुणाचल को बताया तिब्बत का हिस्सा, पांच लापता भारतीयों पर कोई जवाब नहीं

Mon, 07 Sep 2020 09:13 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 07 Sep 2020 09:13 PM IST
सार

  • चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा- हमने कभी नहीं दी अरुणाचल को मान्यता
  • भारतीय सेना ने पीएलए से पूछा कि क्या हमारे पांच नागरिक उसकी हिरासत में

विज्ञापन
China said Arunachal Pradesh is part of Tibet and not answered about five missing Indians
भारतीय सेना - फोटो : पीटीआई

विस्तार

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनातनी के बीच पांच लापता भारतीय युवकों के बारे में पूछे जाने पर चीन ने एक और हिमाकत करते हुए अरुणाचल प्रदेश को ही अपना हिस्सा बता डाला। भारतीय सेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से पूछा है कि क्या अरुणाचल प्रदेश से पांच दिन पहले लापता हुए पांच नागरिक उसकी हिरासत में थे? यही सवाल जब चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान से पूछा गया तो उन्होंने युवकों के बारे में कोई जानकारी नहीं देते हुए कहा, चीन ने कभी भी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी है, जो अभी भी चीन का दक्षिण तिब्बत क्षेत्र है।

विज्ञापन


लिजियान ने पांचों भारतीयों के अपहरण की जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि हमारे पास इस क्षेत्र के पांच लापता भारतीयों के बारे में पीएलए को भारतीय सेना की ओर से संदेश भेजे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के हवाले से लिजियान ने कहा, भारतीय सेना के अनुरोध के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि इन युवकों को पीएलए ने अगवा किया है। गांववालों का दावा है कि ये युवक भारतीय सेना के लिए पोर्टर के रूप में काम करते थे जो दुर्गम क्षेत्रों में सामान की ढुलाई करते थे। इन युवकों के अगवा होने के मामले की जांच के लिए एक पुलिस टीम को मैकमोहन लाइन (भारत-चीन सीमा रेखा) से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में भेजा गया है।

विज्ञापन

पहाड़ों या जंगलों में ऐसी कोई मानक लकीर नहीं

भारतीय सेना के एक प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने सोमवार को कहा, हमने चीनी पक्ष से हॉटलाइन पर बात की और उन्हें बताया कि संभवत: कुछ लोग सीमा पार कर उनकी ओर पहुंच गए। सामान्य रूप से अगर उन्हें हमें वापस सौंपते हैं तो हम आपके बेहद आभारी होंगे। उन्होंने कहा, जंगल या पहाड़ों में ऐसी कोई मानक लकीर नहीं खींची गई है, जिसे ध्यान में रखकर लोग इधर-उधर आ-जा सकें। संभव है कि पांचों भारतीय उधर चले गए हों। यह बेहद सामान्य बात है। लापता आदिवासी युवकों में से एक के भाई ने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि चीनी सेना नाचो के पास इंटरनैशनल बॉर्डर (आईबी) से भारतीय सेना के सेरा-7 पेट्रोलिंग इलाके से भारतीय युवकों को उठा ले गई है।

विज्ञापन

भारत के आक्रामक रुख से अपनी सेना से खफा जिनपिंग

सीमा विवाद को लेकर भारत की ओर से दिए जा रहे आक्रामक जवाब से बौखलाए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 29-30 अगस्त की रात को स्पांगुर झील के पास की चोटियों पर भारतीय सेना के कब्जे को लेकर पीएलए पर नाराजगी जताई है। भारतीय सेना द्वारा चीन से इलाके खाली कराए जाने को लेकर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी खुश नहीं है। बताया जा रहा है कि चीनी नेतृत्व इस बात से खफा है कि पीएलए के कमांडरों ने विवाद बचाने के लिए सेनाएं पीछे क्यों हटाईं। यह भी कहा जा रहा है कि इससे गुस्साए जिनपिंग सेना में बड़े स्तर पर बदलाव कर सकते हैं।

विज्ञापन

भारत-चीन के विदेश मंत्री मॉस्को में 10 को करेंगे मुलाकात

विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचेंगे। जयशंकर मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेशमंत्रियों की बैठक से इतर चीनी विदेशमंत्री वांग यी से 10 सितंबर को मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में जयशंकर चीनी विदेशमंत्री से एलएसी पर न्यूनतम संख्या में सैनिकों को रखने और दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने की याद दिलाएंगे। जयशंकर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में पहले की स्थिति को बहाल करे और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे से भी तत्काल पीछे हटे।

मानसून सत्र से पहले विपक्ष को सीमा पर हालात से अवगत कराएंगे पीएम

मानसून सत्र से पहले सीमा पर हालात के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष कुछ नेताओं को जानकारी देंगे। इसी हफ्ते होने वाले संवाद में पीएम की ओर से विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाने की योजना है। ऐसा नहीं होने पर सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में पीएम विपक्ष के नेताओं को इस पूरे विवाद के एक-एक पहलुओं की जानकारी देंगे।

तिलमिलाए चीन ने चुशुल में 10 हजार सैनिकों की तैनाती की
पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर के पास की सामरिक रूप से अहम चोटियों पर भारत के कब्जे के बाद तिलमिलाए चीन ने करीब 10 हजार सैनिकों की चुशुल में तैनाती की है। साथ ही पीएलए ने बड़ी संख्या में अतिरिक्त बख्तरबंद वाहन, साजोसामान और अतिरिक्त सैनिकों को यहां पर भेजा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed