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India-China: एयर इंडिया-इंडिगो चीनी एयरलाइंस से मुकाबले के लिए कर रहीं तैयारी, क्यों इन चार शहरों पर है फोकस?

Tue, 07 Oct 2025 03:28 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Tue, 07 Oct 2025 03:28 PM IST
सार

चीनी एयरलाइंस कंपनियों का 2019 तक भारत-चीन उड़ान के बाजार पर दबदबा था। चाइना ईस्टर्न, चाइना सदर्न, चाइना एयर और शेडोंग एयरलाइंस मिलकर करीब 89 प्रतिशत सीटों पर कब्जा किए हुए थीं। लेकिन भारत की तरफ से एकमात्र एयर इंडिया ही ऐसी एयरलाइन कंपनी थी,जो दिल्ली से शंघाई और बीजिंग के लिए उड़ानें संचालित कर रही थी। 

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India China Indian Airline Companies competing with Chinese Airlines four cities in focus news and updates
एअर इंडिया - फोटो : एअर इंडिया

विस्तार

भारत और चीन के बीच पांच साल बाद फिर से सीधी विमान सेवा शुरू होने जा रही हैं। गलवान झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था, जिसके चलते उड़ानें बंद हो गई थीं। अब रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में ये बड़ा कदम बताया जा रहा है। इस बीच भारतीय एयरलाइन कंपनियां खास इंडिगो और एयर इंडिया, इस मौके को भुनाने में जुट गई हैं। दूसरी तरफ चीनी एयरलाइंस भी भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आसमान की जंग दिलचस्प होने वाली है।
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दरअसल, चीनी एयरलाइंस कंपनियों का 2019 तक भारत-चीन उड़ान के बाजार पर दबदबा था। चाइना ईस्टर्न, चाइना सदर्न, चाइना एयर और शेडोंग एयरलाइंस मिलकर करीब 89 प्रतिशत सीटों पर कब्जा किए हुए थीं। लेकिन भारत की तरफ से एकमात्र एयर इंडिया ही ऐसी एयरलाइन कंपनी थी,जो दिल्ली से शंघाई और बीजिंग के लिए उड़ानें संचालित कर रही थी। इस हिस्सेदारी महज 11 प्रतिशत थी। उस दौर में एयर इंडिया आर्थिक तंगी से भी जूझ रही थी। इसके बाद सितंबर 2019 में इंडिगो ने दिल्ली-चेंगदू उड़ान शुरू किया। फिर अक्टूबर में उसने कोलकाता-ग्वांगझोउ रूट भी शुरू किया। इसके बाद इंडिगो की हिस्सेदारी बढ़कर 16.8 प्रतिशत हो गई। लेकिन 2020 में कोरोना महामारी ने दोनों देशों के विमान सेवा ठप कर दी।
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भारतीय कंपनियां ऐसे कर रही है तैयारियां
विशेषज्ञों का कहना है कि, भारत-चीन के बीच अब रिश्ते सामान्य हो रहे है। इसलिए दोनों देशों के बीच अब जल्द ही सीधी विमान सेवा भी शुरू होने जा रही है। लेकिन 2019-20 के मुकाबले 2025 की विमानन क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। पहले एयर इंडिया सरकार के अधीन थी। लेकिन अब टाटा समूह जैसी महत्वपूर्ण कंपनी ने इसे टेक ओवर कर लिया है। इंडिगो एयरलाइन ने 1,800 से ज्यादा विमानों का ऑर्डर दे रखा है। इनमें लंबी दूरी का सफर तय करने वाले कई विमान शामिल है। यह दोनों ही विमानन कंपनियां दिल्ली और मुंबई को अंतरराष्ट्रीय अब बनाना चाहती है। इस दृष्टिकोण से चीन का बाजार अहम है। भारतीय एयरलाइंस चीन के चार बड़े शहर बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझोउ और चेंगदू को टारगेट कर रही हैं। इन शहरों में व्यापार और पर्यटन की जबरदस्त संभावनाएं हैं।

चीनी कंपनियों को टक्कर देना नहीं है आसान
इंडिगो 26 अक्टूबर से कोलकाता-ग्वांगझोउ उड़ान फिर शुरू कर रही है। ये उड़ान हफ्ते में तीन बार चलेगी। भारत से ये फ्लाइट रात दस बजे रवाना होगी। जो सुबह 4 बजे चीन पहुचंगी। एक टिकट की कीमत 15 हजार रुपए है। साथ ही, दिल्ली-ग्वांगझोउ उड़ान की भी तैयारी चल रही है, हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई। दूसरी तरफ, एयर इंडिया भी दिल्ली-शंघाई उड़ान इस साल के अंत तक शुरू करने की योजना बना रही है। दूसरी तरफ, चीनी एयरलाइंस भी बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझोउ और कुनमिंग से भारत के लिए उड़ानें शुरू करने की सोच रही हैं।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि, भारत के मुकाबले चीनी एयरलाइन कंपनियां मजबूत हैं। 2019 के दौर में  जब दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवा भी तब भी इस रुट पर चीनी एयरलाइन कंपनियों का दबदबा होता था। क्योंकि उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव के साथ साथ तमाम प्रकार के संसाधन मौजूद थे। भारत की तुलना में अभी भी उनके पास मजबूत संसाधन है। लेकिन इंडिगो और एयर इंडिया नई ऊर्जा और नई ताकत और नए संसाधन के साथ कैसे चीनी कंपनियों से मुकाबला करेंगे ये देखना अब दिलचस्प होगा।

दोनों देशों के बीच अच्छी है यात्री डिमांड
भारत और चीन के बीच यात्रियों की संख्या हमेशा से अच्छी रहती है। 2019 में जब सीधी उड़ानें थीं तब 12 लाख से ज्यादा लोग इन उड़ानों से सफर करते थे। अगर दूसरे रूट के उड़ानों को जोड़ा जाए, तो ये संख्या 19 लाख तक पहुंच जाती थी। वहीं, जब सीधी उड़ान सेवा बंद थी तब 5.72 लाख यात्री सिंगापुर, हांगकांग, बैंकॉक और वियतनाम से चीन तक का सफर तय करते थे। ये रास्ता न केवल लंबा होता था बल्कि महंगा भी होता है। ऐसे में सीधी उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी। विश्लेषकों का कहना है कि, अगर दोनों देशों के बीच वीजा नियम आसान होते हैं, तो यात्रियों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
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