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India-China: भारत-चीन के सैन्य अफसरों ने की 21वें दौर की वार्ता, एलएसी पर शांति और स्थिरता पर जताई सहमति
Wed, 21 Feb 2024 01:41 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 21 Feb 2024 01:41 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत-चीन कॉर्प्स कमांडर स्तर की 21वीं बैठक 19 फरवरी को चुशुल-मोल्डो बॉर्डर मीटिंग प्वाइंट पर आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान दोनों देशों ने मैत्रीपूर्ण तरीके से अपने विचारों को एक-दूसरे के सामने रखा।
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भारत चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
चीन ने भारत के साथ हुई 21वें दौर की उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई है। जानकारों ने बताया कि वार्ता में भारत ने देपसांग और डेमचोक में लंबित मुद्दों के समाधान के लिए जोरदार दबाव डाला, पर समाधान में स्पष्ट प्रगति नहीं हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की 21वें दौर की बैठक चुशुल-मोल्डो सीमा बैठक बिंदु पर आयोजित हुई।
विदेश मंत्रालय से जारी बयान के मुताबिक पिछले दौर की चर्चा में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति की बहाली के लिए आवश्यक आधार के रूप में पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ शेष क्षेत्रों में पूर्ण सेना वापसी की मांग की गई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने इस मामले पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। दोनों पक्ष प्रासंगिक सैन्य और राजनयिक तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
जारी रहेगी बातचीत
दोनों पक्ष सैन्य व राजनयिक तंत्र के जरिये आगे बढ़ने के लिए वार्ता जारी रखने पर राजी हुए हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की भी प्रतिबद्धता जताई।
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विदेश मंत्रालय से जारी बयान के मुताबिक पिछले दौर की चर्चा में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति की बहाली के लिए आवश्यक आधार के रूप में पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ शेष क्षेत्रों में पूर्ण सेना वापसी की मांग की गई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने इस मामले पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। दोनों पक्ष प्रासंगिक सैन्य और राजनयिक तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
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जारी रहेगी बातचीत
दोनों पक्ष सैन्य व राजनयिक तंत्र के जरिये आगे बढ़ने के लिए वार्ता जारी रखने पर राजी हुए हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की भी प्रतिबद्धता जताई।
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