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Hindi News ›   India News ›   India China Faceoff : Tender For 44 Vande Bharat Trains Cancelled After Bid From Chinese Joint Venture, Indian Army Also Warned

चीन को एक और झटका, 44 वंदे भारत ट्रेन बनाने का ठेका रद्द

Sat, 22 Aug 2020 05:03 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Sat, 22 Aug 2020 05:03 AM IST
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India China Faceoff : Tender For 44 Vande Bharat Trains Cancelled After Bid From Chinese Joint Venture, Indian Army Also Warned
हाइ स्पीड ट्रेन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

पूर्वी लद्दाख में अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे चीन को भारतीय सेना ने दो टूक कहा-वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना पहले की स्थिति बहाल करे। अगर चीन ने कोई नापाक हरकत की तो उसे इसके अप्रत्याशित नतीजे भुगतने होंगे। इस बीच, रेलवे ने शुक्रवार को चीन को एक और झटका देते हुए 44 सेमी हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन बनाने का ठेका रद्द कर दिया है।

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इसके लिए निविदा पिछले साल ही जारी हुआ था। बीते महीने ही जब टेंडर खोले गए तो सिर्फ चीन के साथ संयुक्त उद्यम वाली जेवी कंपनी को ही ठेका मिला था। इसमें सीआरआरसी पॉयनियर इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ही छह आवेदन करने वालों में योग्य पाई गई थी।
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ठेके के तह इस कंपनी को 44 वंदे भारत ट्रेन और हरेक में इसके 16 कोचों को बनाने में लगने वाले इलेक्ट्रिकल उपकरणों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करना था। जेवी कंपनी 2015 में चीन की सीआरआरसी यॉन्गजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुरुग्राम स्थित पॉयनियर फिल-मेड प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर बनाई थी। अब एक हफ्ते में नया ठेका जारी किया जाएगा। हालांकि, रेलवे ने पुराने ठेके को रद्द करने की वह नहीं बताई है।
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भारत के पड़ोस में जाल बिछा रहा ड्रैगन
पाकिस्तान में चीन आर्थिक गलियारा बना रहा है। ये पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से समुद्र के रास्ते चीन के शिंजियांग तक पहुंचने की एक बड़ी परियोजना है, जिसके सहारे चीन मध्य एशिया के कारोबार पर कब्जा जमाने की फिराक में है और अपना सामरिक हित भी पूरा करना चाहता है।

वहीं, नेपाल 2017 में चीन के वन रोड-वन बेल्ट प्रोजेक्ट में भी शामिल हो गया था। वह इस बहाने नेपाल में भारत विरोधी हवा देने में जुटा  है। श्रीलंका में हंबनटोटा बंदरगाह को चालाकी से 99 साल के पट्टे पर हासिल करने के बाद चीन अब वहां एयरपोर्ट, कोल पावर प्लांट और दो बड़े बांधों के निर्माण समेत कई प्रोजेक्ट के लिए चीन 36, 480 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।

जबकि मालदीव के 16 द्वीप को चीन लीज पर ले चुका है। वह अगर इन द्वीपों पर कब्जा कर लेता है, तो वह भारत के व्यापारिक जहाजों के साथ-साथ नौसेना के काफिलों पर भी नजर रख सकता है। साथ ही युद्ध की स्थिति में इन द्वीपों पर अपने जहाज तैनात कर सकता है।

सीमा पर गतिरोध सुलझाने को गंभीर नहीं है चीनी सेना
पूर्वी लद्दाख में अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे चीन को भारतीय सेना ने दो टूक कहा-वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना पहले की स्थिति बहाल करे। अगर चीन ने कोई नापाक हरकत की तो उसे इसके अप्रत्याशित नतीजे भुगतने होंगे। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, सेना ने सख्त लहजे में कहा है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सीमा पर गतिरोध सुलझाने को लेकर गंभीर नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि हाल ही में हुई सैन्य वार्ता में भारतीय सेना ने दृढ़ता से चीन की पीएलए को इस साल अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल करने पर जोर दिया। भारतीय सेना स्पष्ट तौर पर कहा, एलएसी में किसी तरह के बदलाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि चीन की सेना पूर्वी लद्दाख में अब अपनी करतूतों को सही ठहराने में लगी है। चीनी पक्ष सिर्फ विचारों के आदान-प्रदान की रणनीति पर काम कर रहा है। उसे सीमा के गतिरोध को सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत और चीन बृहस्पतिवार को तेजी से मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के तहत मसले को सुलझाने पर राजी हो गए हैं। 


सेना प्रमुख ने कमांडरों को पहले ही दे चुके हैं खुली छूट
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे पहले ही एलएसी के मोर्चे पर तैनात सभी वरिष्ठ कमांडरों को उच्च अलर्ट रहने को कहा है और चीनी सेना की किसी भी उकसावे की कार्रवाई का करारा जवाब देने को कहा है। इसके अलावा सेना बडे़ पैमाने पर हथियार, गोला-बारूद और सर्दियों के हिसाब से कपड़ाें की खरीद की है। साथ ही वायुसेना भी अपने जंगी विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ हाई अलर्ट पर है।

विदेश मंत्रालय सतर्क, भारत में वीजा पर रह रहे संदिग्ध चीनी छात्र सरकार के रडार पर
1000 करोड़ रुपये के हवाला रैकेट के मामले में गिरफ्तार चीनी जासूस लुओ सांग का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार सतर्कता बरत रही है। भारत में वीजा पर रह रहे संदिग्ध चीनी छात्रों पर भारतीय विदेश मंत्रालय कड़ी नजर रख रहा है।

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