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लद्दाख में बदलते मौसम से निपटने के लिए सेना तैयार, राशन की आपूर्ति की जा रही सुनिश्चित
Thu, 23 Jul 2020 12:01 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 23 Jul 2020 12:01 PM IST
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indian army
- फोटो : ANI
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भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में बदलते मौसम से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सैनिकों के लिए पर्याप्त विशेष राशन और अन्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सेना ने अपने लॉजिस्टिक अभ्यास को शुरू कर दिया है।
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गौरतलब है कि चीनी सैनिक झड़प वाली जगह से तत्काल प्रभाव से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। चीनी सैनिक अभी भी पैंगोंग त्सो के उत्तरी किनारे और गोगरा हॉट स्प्रिंग्स पर मौजूद हैं, जिसे लेकर चीन के इरादे पर सवाल उठना लाजमी है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि लद्दाख में पूरे वर्ष के लिए 30,000 मीट्रिक टन राशन की आवश्यकता होती है, लेकिन इस बार वहां तैनात अतिरिक्त सैनिकों की वजह से राशन की मात्रा को कम से कम दोगुना करना होगा।
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उन्होंने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) फिलहात पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसलिए, हम भी लंबी अवधि के लिए चरणबद्ध तरीके से तैयारी कर रहे हैं। हम अपने लॉजिस्टिक और एडवांस विंटर स्टॉकिंग (एडब्ल्यूएस) को लेकर योजना बना रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि हमें पीएलए को स्थिति का फायदा उठाने से रोकने के लिए सर्दियों के दौरान भी फॉरवर्ड क्षेत्रों में अपने सैनिकों को तैनात करना पड़ सकता है।
एडब्ल्यूएस एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें बर्फबारी और सर्दियों की शुरुआत से पहले सभी प्रमुख स्थानों पर 'पूर्व स्थिति और स्टॉक आपूर्ति' के लिए परिवहन की व्यवस्था और सामान पहुंचाने के लिए अभ्यास किया जाता है।
इस बार चुनौती और अधिक बढ़ गई है, क्योंकि सीमा पर चीन के साथ तनाव चल रहा है और इस कारण क्षेत्र में सामान्य सैनिकों की संख्या में तीन गुना तक की वृद्धि की गई है। वहीं, फॉरवर्ड बेस 15,000 फीट की ऊंचाई पर हैं, जहां नवंबर के बाद पहुंचना दुर्गम हो जाता है।