{"_id":"5efab70e8ebc3e43095773f4","slug":"india-china-border-tension-defence-minister-rajnath-singh-to-talk-to-his-american-counterpart-mark-esper-over-telephone","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनाथ और अमेरिकी रक्षा मंत्री एस्पर के बीच आज नहीं हुई वार्ता, मंत्रालय ने दी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राजनाथ और अमेरिकी रक्षा मंत्री एस्पर के बीच आज नहीं हुई वार्ता, मंत्रालय ने दी जानकारी
Tue, 30 Jun 2020 09:23 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 30 Jun 2020 09:23 AM IST
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष मार्क एस्पर के बीच आज टेलीफोन वार्ता नहीं हुई। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इसे बाद की तारीख के लिए पुनर्निर्धारित किया जा रहा है।
विज्ञापन
The scheduled telephonic talk between Defence Minister Rajnath Singh and American Defence Secretary Mark Esper not to be held today. It is being rescheduled for a later date: Defence Ministry Officials (file pic) https://t.co/zBBgiCv0iN pic.twitter.com/WqfWWPA6b0
— ANI (@ANI) June 30, 2020
विज्ञापन
वहीं, लद्दाख में चल रहे सीमा तनाव के बीच भारत और चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक चल रही है। सीमा विवाद के बाद से सैन्य अधिकारियों के बीच यह तीसरी बैठक है। सीमा विवाद का हल ढूंढ़ने और सैन्य तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ रहा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद से एशिया के दो सबसे बड़े देशों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
सूत्रों ने बताया है कि 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और दक्षिण जिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के प्रमुख मेजर जनरल लियू लिन के बीच चुशुल-मोल्डो में 'बॉर्डर पर्सनल मीटिंग' (बीपीएम) बिंदु पर यह बैठक हो रही है। बैठक का आयोजन पहली बार चुशुल में किया गया। बता दें कि, इससे पहले छह जून और 22 जून को हुई दो बैठकें मोल्डो में हुई थीं।