फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India China border tension: civilian movement has been stopped in Srinagar-Leh highway due to LAC tension

एलएसी पर तनाव का दिखा असर, श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर रोकी गई लोगों की आवाजाही

Mon, 31 Aug 2020 01:34 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 31 Aug 2020 01:34 PM IST
विज्ञापन
India China border tension: civilian movement has been stopped in Srinagar-Leh highway due to LAC tension
श्रीनगर-लेह राजमार्ग - फोटो : सोशल मीडिया

भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की पेंगोंग त्सो झील के पास हुई झड़प के बाद श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर लोगों की आवाजाही को रोक दिया गया है। सूत्रों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को लिया गया है। 

विज्ञापन


सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि 29/30 अगस्त की रात पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। सरकार ने कहा कि हमारे जाबांज जवानों ने पीएलए के सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। 
विज्ञापन



वहीं, इस घटना के बाद सूत्रों ने बताया है कि एलएसी पर तनाव के चलते श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर लोगों की आवाजाही को रोक दिया गया है। केवल सेना के वाहनों और आवश्यक कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को छूट दी गई है। वहीं, अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम की वजह से श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर आवाजाही रोकी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढे़ं: 29-30 अगस्त की रात चीन ने की थी घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना ने किया नाकाम

बता दें कि, भारतीय सेना के पीआरओ कर्नल अमन आनंद ने कहा, 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने 29/30 अगस्त की रात को पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए हुई सैन्य और राजनयिक बातचीत का उल्लंघन किया और यथास्थिति को बदलने के लिए घुसपैठ की।'

पीआरओ ने कहा, 'भारतीय सेना ने पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर पीएलए के जवानों की इस कायराना हरकत को नाकाम कर दिया। सेना के जवानों ने इस इलाके में हमारी स्थिति को मजबूत किया और जमीनी स्थिति को बदलने के चीनी इरादों को ध्वस्त किया।'


यह भी पढ़ें: भारत-चीन विवाद की धुरी पेंगोंग झील फिर सुर्खियों में, जानिए इसकी रणनीतिक अहमियत

उन्होंने कहा, 'भारतीय सेना बातचीत के माध्यम से शांति और एकता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भी समान रूप से दृढ़ है। सीमा मुद्दों को हल करने के लिए चुशुल में एक ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग चल रही है।' 

गौरतलब है कि, जून के मध्य में दोनों देशों के जवानों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन ने इस झड़प में हताहत हुए अपने जवानों की जानकारी को साझा नहीं किया था। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया था कि इस घटना में चीन के 35 जवान हताहत हुए थे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed