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MEA Replies NATO: रूटे को भारत की दो टूक- PM मोदी-पुतिन की बात का दावा आधारहीन; भविष्य में सतर्क रहें नाटो चीफ
Fri, 26 Sep 2025 07:31 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 26 Sep 2025 07:31 PM IST
सार
मार्क रूटे के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मार्क रूटे की अटकलें या लापरवाही भरी टिप्पणियां जो पीएम मोदी की गतिविधियों को गलत तरीके से पेश करती हैं। यह ऐसी बातचीत का सुझाव देती हैं जो कभी हुई ही नहीं, वह अस्वीकार्य हैं। इस मामले में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।
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नाटो चीफ मार्क रूटे और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत ने नाटो प्रमुख मार्क रूटे के विवादित बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने रूटे को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत का दावा पूरी तरह से आधारहीन और गलत है। साथ ही रूटे को चेतावनी दी है कि वह भविष्य में ऐसे बयान देने से पहले सतर्क रहें।
मार्क रूटे के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मार्क रूटे की अटकलें या लापरवाही भरी टिप्पणियां जो पीएम मोदी की गतिविधियों को गलत तरीके से पेश करती हैं। यह ऐसी बातचीत का सुझाव देती हैं जो कभी हुई ही नहीं, वह अस्वीकार्य हैं। इस मामले में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि रूटे का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह से निराधार है। प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी राष्ट्रपति पुतिन से उस तरीके से बात नहीं की जैसा कि बताया जा रहा है। ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। हम नाटो जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के नेतृत्व से अपेक्षा करते हैं कि वह सार्वजनिक बयानों में अधिक जिम्मेदारी और सटीकता बरते।
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जायसवाल ने कहा कि भारत का ऊर्जा आयात भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पूर्वानुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की निरंतर खरीद को उचित ठहराते हुए कहा कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा।
रणधीर जायसवाल ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों की यूरोपीय संघ की आलोचना को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि रूसी तेल पर यूरोपीय संघ की टिप्पणियों के संबंध में मैं आपका ध्यान राष्ट्रपति ट्रंप सहित कई नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों की ओर आकर्षित करना चाहूंगा कि यूरोपीय संघ, नाटो और जी-7 देशों को भी रूस से ऊर्जा आयात रोकने पर विचार करना चाहिए। इस मामले में कोई दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जा सकता।
मार्क रूटे ने क्या कहा?
नाटो के महासचिव मार्क रूटे ने कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीदने पर लगाए गए टैरिफ का रूस पर बड़ा असर पड़ रहा है। रूटे ने कहा कि इस टैरिफ के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन संकट को लेकर उनकी रणनीति समझने की कोशिश कर रहे हैं।
'दिल्ली और मॉस्को के बीच हो रही बातचीत'
इस दौरान रूटे ने ये भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ रूस को सीधा और तुरंत प्रभावित कर रहे है। इसके चलते पीएम नरेंद्र मोदी मॉस्को में बैठे पुतिन से बातचीत कर उनकी रणनीति समझने का प्रयास कर रहे हैं। रूटे ने दावा किया कि पीएम मोदी उनसे पूछ रहे हैं कि मैं आपका समर्थन करता हूं, लेकिन कृपया अपनी रणनीति समझाएं क्योंकि अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है।
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मार्क रूटे के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मार्क रूटे की अटकलें या लापरवाही भरी टिप्पणियां जो पीएम मोदी की गतिविधियों को गलत तरीके से पेश करती हैं। यह ऐसी बातचीत का सुझाव देती हैं जो कभी हुई ही नहीं, वह अस्वीकार्य हैं। इस मामले में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।
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रणधीर जायसवाल ने कहा कि रूटे का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह से निराधार है। प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी राष्ट्रपति पुतिन से उस तरीके से बात नहीं की जैसा कि बताया जा रहा है। ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। हम नाटो जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के नेतृत्व से अपेक्षा करते हैं कि वह सार्वजनिक बयानों में अधिक जिम्मेदारी और सटीकता बरते।
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जायसवाल ने कहा कि भारत का ऊर्जा आयात भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पूर्वानुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की निरंतर खरीद को उचित ठहराते हुए कहा कि नई दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा।
रणधीर जायसवाल ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों की यूरोपीय संघ की आलोचना को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि रूसी तेल पर यूरोपीय संघ की टिप्पणियों के संबंध में मैं आपका ध्यान राष्ट्रपति ट्रंप सहित कई नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों की ओर आकर्षित करना चाहूंगा कि यूरोपीय संघ, नाटो और जी-7 देशों को भी रूस से ऊर्जा आयात रोकने पर विचार करना चाहिए। इस मामले में कोई दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जा सकता।
मार्क रूटे ने क्या कहा?
नाटो के महासचिव मार्क रूटे ने कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीदने पर लगाए गए टैरिफ का रूस पर बड़ा असर पड़ रहा है। रूटे ने कहा कि इस टैरिफ के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन संकट को लेकर उनकी रणनीति समझने की कोशिश कर रहे हैं।
'दिल्ली और मॉस्को के बीच हो रही बातचीत'
इस दौरान रूटे ने ये भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ रूस को सीधा और तुरंत प्रभावित कर रहे है। इसके चलते पीएम नरेंद्र मोदी मॉस्को में बैठे पुतिन से बातचीत कर उनकी रणनीति समझने का प्रयास कर रहे हैं। रूटे ने दावा किया कि पीएम मोदी उनसे पूछ रहे हैं कि मैं आपका समर्थन करता हूं, लेकिन कृपया अपनी रणनीति समझाएं क्योंकि अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है।