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SIR: विपक्षी इंडिया गठबंधन का एसआईआर मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन जारी, चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च की तैयारी
Thu, 31 Jul 2025 06:35 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 31 Jul 2025 06:35 PM IST
सार
INDIA Bloc Protest On SIR: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को विपक्षी इंडिया गठबंधन सड़कों पर लाने की तैयारी में है। चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च और जनजागरूकता अभियान के जरिए विपक्ष इसे राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
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एसआईआर पर विपक्ष का प्रदर्शन
- फोटो : ANI
विस्तार
विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ने तय किया है कि वे संसद के भीतर और बाहर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेंगे। सूत्रों के अनुसार, अगले हफ्ते चुनाव आयोग (ईसी) के मुख्यालय तक मार्च निकालने की योजना भी बनाई जा रही है। गुरुवार सुबह इंडिया गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सभी विपक्षी दलों ने एकमत से कहा कि बिहार में चल रही मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पर संसद के मानसून सत्र के दौरान चर्चा होनी चाहिए।
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एसआईआर के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
- फोटो : ANI
क्या है मुद्दा?
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया के तहत लोगों से उनके नागरिकता संबंधी दस्तावेज मांग रहा है, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के कई लोग मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। विपक्ष इसे वोटबंदी, वोट चोरी और वोट की लूट जैसे शब्दों से जनता के बीच उठाने की तैयारी में है।
बैठक में कौन-कौन रहा शामिल?
इस अहम बैठक में कई वरिष्ठ विपक्षी नेता मौजूद रहे, जिसमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी के डेरेक ओ'ब्रायन, डीएमके के टी.आर. बालू और तिरुचि शिवा, सपा के रामगोपाल यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के राजा राम सिंह, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के पी. संतोश कुमार शामिल रहें।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया के तहत लोगों से उनके नागरिकता संबंधी दस्तावेज मांग रहा है, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के कई लोग मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। विपक्ष इसे वोटबंदी, वोट चोरी और वोट की लूट जैसे शब्दों से जनता के बीच उठाने की तैयारी में है।
बैठक में कौन-कौन रहा शामिल?
इस अहम बैठक में कई वरिष्ठ विपक्षी नेता मौजूद रहे, जिसमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी के डेरेक ओ'ब्रायन, डीएमके के टी.आर. बालू और तिरुचि शिवा, सपा के रामगोपाल यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के राजा राम सिंह, सीपीएम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के पी. संतोश कुमार शामिल रहें।
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एसआईआर के खिलाफ विपक्ष एकजुट
- फोटो : ANI
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चुनाव आयोग के ऑफिस के घेराव भी प्रस्तावित
इस दौरान टीएमसी नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने पहले ही कहा था कि चुनाव आयोग के दफ्तर का घेराव करने का विकल्प विपक्ष के पास खुला है। अब इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है।
संसद में भी लगातार हंगामा
इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इसके चलते कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। विपक्ष का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र को कमजोर करती है और गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर सकती है।
चुनाव आयोग के ऑफिस के घेराव भी प्रस्तावित
इस दौरान टीएमसी नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने पहले ही कहा था कि चुनाव आयोग के दफ्तर का घेराव करने का विकल्प विपक्ष के पास खुला है। अब इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है।
संसद में भी लगातार हंगामा
इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इसके चलते कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। विपक्ष का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र को कमजोर करती है और गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर सकती है।