फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India became the first country in the world to approve two corona vaccines simultaneously

दो वैक्सीन को एक साथ मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत, सरकार ने कहा- '110 फीसदी सुरक्षित'

Mon, 04 Jan 2021 03:27 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 04 Jan 2021 03:27 AM IST
विज्ञापन
India became the first country in the world to approve two corona vaccines simultaneously
‘कोविशिल्ड’ और भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ - फोटो : twitter

महामारी से लड़ने के लिए कोविड-19 वैक्सीन का इंतजार अब खत्म हो गया है। भारत के दवा महानियंत्रक यानी डीसीजीआई वीजी सोमानी ने दो स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए रविवार को मंजूरी दे दी। 

विज्ञापन


डीसीजीआई ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ को एक साथ मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश हो गया है, जिसने एक साथ दो वैक्सीन को मंजूरी दी है।
विज्ञापन



भारत के दवा महानियंत्रक वीजी सोमानी ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की वैक्सीन को दो से आठ डिग्री तापमान पर रखा जा सकता है। दोनों वैक्सीन को आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए अनुमति दी जाती है। दोनों स्वदेशी वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, वैज्ञानिकों, पुलिसकर्मियों और स्वच्छता कर्मियों समेत कोरोना योद्धाओं के प्रति आभार जताया। डीसीजीआई ने भारत के सीरम संस्थान और भारत बायोटेक के टीकों को स्वीकृति प्रदान करते हुए स्वस्थ और कोरोना मुक्त देश के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। भारत को बधाई। हमारे मेहनती वैज्ञानिकों को बधाई। हर भारतीय को गर्व होगा कि जिन दो वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी गई है, वे भारत में बने हैं। हमारे वैज्ञानिकों की उत्सुकता दर्शाती है कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के मूल में देखभाल और करुणा है।

कोविशील्ड और कोवाक्सिन टीकों पर अंतिम  मुहर

देश ने रविवार को कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड और भारत बायोटेक के स्वदेशी कोवाक्सिन टीके पर रविवार को अंतिम मुहर भी लगा दी। इन टीकों के सीमित आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।

भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने टीकों पर भरोसा देते हुए कहा, ये 110 फीसदी सुरक्षित हैं। इस फैसले से जल्द ही देश में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की राह साफ हो गई है। इस मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां इसे गर्व की बात कही है, वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस फैसले का स्वागत किया।


डीसीजीआई डॉ. वीजी सोमानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर कोविशील्ड और कोवाक्सिन को एकसाथ आपात स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। वहीं, जाइडस कैडिला हेल्थकेयर के जाइकोव-डी टीके के तीसरे चरण के परीक्षण को भी हरी झंडी दी गई है।

डॉ. सोमानी ने कोविशील्ड और कोवाक्सिन के सुरक्षित होने के सवाल के जवाब में कहा, यदि सुरक्षा संबंधी थोड़ी भी चिंता होती तो हम कभी भी इसे मंजूर नहीं करते। पर्याप्त जांच के बाद ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने कोरोना टीकों पर बनी विषय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर अपनी सहमति दी थी। दोनों ही टीके पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनका इस्तेमाल आपातकालीन स्थिति में किया जा सकेगा। हल्के बुखार, दर्द और एलर्जी जैसे कुछ दुष्प्रभाव हर टीके के लिए आम बात है।

उन्होंने यहां तक कहा, कोविशील्ड के अब तक सामने आए परिणामों के अनुसार यह टीका 70.42 फीसदी तक असरदार पाया गया है। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित किया गया है। वहीं, कोवाक्सिन भारत बायोटेक द्वारा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से विकसित किया जा रहा स्वदेशी टीका है। केंद्र सरकार ने अगले 6 से 8 महीनों में टीकाकरण अभियान के पहले चरण में करीब 30 करोड़ लोगों को टीका देने की योजना बनाई है।

टीकों से नपुंसक होने की अफवाह बकवास
इन टीकों से लोगों के नपुंसक होने की अफवाह पूरी तरह बकवास है। उन्होंने कहा, दोनों की टीकों की दो-दो खुराक इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी। इन्हें 2 से 8 डिग्री के तापमान में सुरक्षित रखा जा सकेगा।  फिलहाल, भारत में कोविशील्ड और कोवाक्सिन समेत कोरोना के छह टीकों का चिकित्सकीय परीक्षण जारी है। 

कितना सुरक्षित है टीका?
-23,745 लोगों पर किए अध्ययन में कोविशील्ड असरदार मिला है। भारत में 1600 लोगों पर इसका परीक्षण किया गया है।
.-25,800 लोगों पर कोवाक्सिन का तीसरा परीक्षण किया जाना है। इसके तहत अभी तक 22,500 लोगों का पंजीयन हो चुका है। पहले दो परीक्षण में यह टीका 60 फीसदी से भी ज्यादा असरदार मिला है।

कोवाक्सिन के लिए यह शर्त भी
भारत बायोटेक के कोवाक्सिन पर अभी परीक्षण चल रहा है, इसलिए सरकार ने कुछ शर्तों के साथ इसके इस्तेमाल की अनुमति प्रदान की है। कोवाक्सिन की खुराक देने से पहले लाभार्थी की सहमति जरूरी है। इसके अलावा परीक्षण से जुड़े सभी तथ्य पूरे होने चाहिए। इसके बाद ही यह टीका लोगों को दिया जा सकता है।

मोदी बोले-वैज्ञानिकों ने दिखाया आत्मनिर्भर भारत का जज्बा
हर भारतीय को गर्व होगा कि जिन दो टीकों को मंजूरी दी गई है, वे भारत में बने हैं। यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय के जज्बे को दर्शाता है। वह आत्मनिर्भर भारत, जिसका आधार है- सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया। मंजूरी मिलने के बाद कोरोना मुक्त राष्ट्र होने का रास्ता साफ हो गया है। यह कोरोना के खिलाफ जंग का निर्णायक मोड़ है।-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

पहला टीका आने वाले हफ्तों में आपके सामने होगा: सीरम
सभी को नया साल मुबारक हो। सभी जोखिम जो सीरम इंस्टीट्यूट ने टीके को स्टॉक करने के लिए उठाए थे, उसके आखिरकार बेहतर परिणाम सामने आए हैं। भारत का पहला कोविड 19 टीका आने वाले हफ्तों में आपके सामने होगा। यह पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है।-अदार पूनावाला, सीईओ, सीरम इंस्टीट्यूट

यह देश में खोज और विकास की बड़ी छलांग: बायोटेक
आपातकालीन उपयोग के लिए कोवाक्सिन की मंजूरी भारत में खोजों और बडे़ उत्पादों के विकास के लिए एक बड़ी छलांग है। यह राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है और भारत की वैज्ञानिक क्षमता में एक शानदार उपलब्धि है।-कृष्णा एला, भारत बायोटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक 

कोरोना से जंग को मिलेगी मजबूती: डब्ल्यूएचओ
भारत के फैसले का स्वागत है। टीके पर भारत के फैसले से कोरोना से जंग को मजबूती मिलेगी। टीका आने के बाद कोविड-19 संक्रमण में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। -डॉ. पूनम खेत्रपाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक 

अब वक्त आपूर्ति और भंडारण पर ध्यान देने की: हर्षवर्धन
अब वक्त आपूर्ति और भंडारण पर ध्यान देने की है। देश के लिए यह गर्व की बात है कि हमने 11 महीने की लड़ाई के बाद एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के सहयोग से भारत अब तक कोरोना संकट को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफल रहा है।-डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 

 भारत बायोटेक के टीके का बैकअप के रूप में करेंगे इस्तेमाल: गुलेरिया
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, जब भी कोरोना के मामलों में अचानक बढ़ोतरी होगी और हमें टीकाकरण की जरूरत पडे़गी तो भारत बायोटेक के टीके का इस्तेमाल होगा। इस टीके का उपयोग बैकअप के रूप में भी किया जा सकेगा। सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कितनी असरकारी होगी, इसे लेकर अभी अभी सुनिश्चित नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed