India-Pakistan: भारत ने पाकिस्तान के साथ बंद किया कारोबार, पड़ोसी देश से आने वाली सभी वस्तुओं पर लगाई रोक
भारत ने पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच आतंकवाद के पनाहगाह पर एक और बड़ी चोट मारी है। इसके तहत अब भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तान से सभी प्रकार के सीधे या परोक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह निर्णय विदेश व्यापार नीति 2023 के तहत लिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत ने आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान को एक बार फिर सबक सिखाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत भारत सरकार ने पाकिस्तान से किसी भी प्रकार की वस्तुओं के सीधे या परोक्ष आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से दो मई को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लिया गया है। इस रोक के बाद अब पाकिस्तान से आने वाले किसी भी उत्पाद चाहे वह सीधे आयात हो या किसी तीसरे देश के जरिए परोक्ष रूप से हो इन सभी आयातों पर पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बता दें कि भारत सरकार की तरफ से लगाए गए यह प्रतिबंध विदेश व्यापार नीति 2023 में नए प्रावधान के रूप में जोड़ा गया है, जिसको लेकर विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने साफ किया है कि अगर किसी मामले में आयात की अनुमति दी जाती है, तो उसके लिए भारत सरकार की विशेष मंजूरी जरूरी होगी।
Direct or indirect Import or transit of all goods originating in or exported from Pakistan, whether or not freely importable or otherwise permitted, shall be prohibited with immediate effect. pic.twitter.com/KBamc3DhdW
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 3, 2025
ये भी पढ़ें:- Indian airspace shut for Pakistan: भारत ने उठाया एक और बड़ा कदम, पाकिस्तान के लिए बंद किया एयरस्पेस
क्या आयात होता था पाकिस्तान से?
2024-25 में अप्रैल से जनवरी के बीच भारत ने पाकिस्तान से केवल 0.42 मिलियन डॉलर का आयात किया था। इसमें तांबा और तांबे के सामान, खाद्य फल और सूखे मेवे , कपास, नमक, सल्फर और मिट्टी और पत्थर, जैविक रसायन, खनिज ईंधन, प्लास्टिक उत्पाद, ऊन, कांच के बने पदार्थ, कच्ची खाल और चमड़ा आदि शामिल है।
भारत क्या निर्यात करता था?
वहीं बात अगर भारत किए गए निर्यात की करें तो इसी अवधि में भारत ने पाकिस्तान में 447.65 मिलियन डॉलर का निर्यात किया, जिसमें फार्मा उत्पाद (129.55 मिलियन डॉलर), जैविक रसायन (110.06 मिलियन डॉलर), चीनी, चाय, कॉफी, सब्जियां, पेट्रोलियम, उर्वरक, प्लास्टिक, रबर, ऑटो पार्ट्स आदि शामिल है।
आर्थिक शिकंजा कसने के लिए भारत की रणनीति
पहलगाम हमले के बाद बढ़ते तनाव को देख भारत सरकार ने इसस पहले पाकिस्तान पर आर्थिक शिकंजा कसने की भी तैयारी कर ली। इस रणनीति के तहत भारत ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पाकिस्तान को दिए गए ऋणों की समीक्षा करने को कहा है। साथ ही उसने पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची में शामिल कराने की कोशिश भी शुरू कर दी है। एफएटीएफ की ग्रे सूची में शामिल होने और आईएमएफ के ऋण मंजूरी नहीं देने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगेगा।
पहलगाम आतंकी हमला, एक नजर
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते मंगलवार 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी।
ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान पर आर्थिक शिकंजा कसेगा भारत: IMF से ऋण समीक्षा की मांग, FTF की ग्रे सूची में शामिल कराने की कोशिश
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।