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Rajnath Singh: रक्षा मंत्री करेंगे दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरा, दोनों देशों के बीच तीन समझौते होने की संभावना
Sun, 05 Oct 2025 08:03 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 05 Oct 2025 08:03 PM IST
सार
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार से दो दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं, जहां दोनों देशों के बीच तीन अहम रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। यह यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2020 से व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनी हुई है, जिसे और गहरा करने के प्रयास किए जाएंगे।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
- फोटो : एक्स/राजनाथ सिंह
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विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार से दो दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं, जिसका मकसद द्विपक्षीय रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए 'नई और सार्थक' पहलों की तलाश करना है। राजनाथ सिंह की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो सूचना को साझा करने, समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और संयुक्त गतिविधियों के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
इस वार्ता के दौरान हिंद‑प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की जाएगी, खासकर क्षेत्र में चीन की आक्रामकता के मद्देनजर। नरेंद्र मोदी सरकार में 2014 के बाद किसी रक्षा मंत्री का यह पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा एक ऐतिहासिक क्षण पर हो रही है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की पांचवीं वर्षगांठ मना रहा हैं।
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ऑस्ट्रेलिया की उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के निमंत्रण पर राजनाथ सिंह यह दौरा कर रहे हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंध और रक्षा भागीदारी को और मजबूत करने के लिए नई और सार्थक पहलों को खोजने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इस यात्रा की एक खास बात राजनाथ सिंह की अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी।
राजनाथ सिंह सिडनी में एक बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता भी करेंगे, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत के नेता शामिल होंगे। वह ऑस्ट्रेलिया के अन्य राष्ट्रीय नेताओं से भी मिलेंगे। पिछले कुछ वर्षों में भारत‑ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों का विस्तार हुआ है, जिसमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, जहाजों के दौरे और द्विपक्षीय अभ्यास शामिल हैं।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2020 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी से उच्च स्तर की व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) में बदल दिया। दोनों देशों का गहरा संबंध है, जो बहुलतावाद, वेस्टमिंस्टर शैली की लोकतांत्रिक व्यवस्था, कॉमनवेल्थ की परंपराएं, बढ़ती आर्थिक भागीदारी और उच्च स्तर की बातचीत जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
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इस वार्ता के दौरान हिंद‑प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की जाएगी, खासकर क्षेत्र में चीन की आक्रामकता के मद्देनजर। नरेंद्र मोदी सरकार में 2014 के बाद किसी रक्षा मंत्री का यह पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा एक ऐतिहासिक क्षण पर हो रही है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की पांचवीं वर्षगांठ मना रहा हैं।
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ऑस्ट्रेलिया की उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के निमंत्रण पर राजनाथ सिंह यह दौरा कर रहे हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंध और रक्षा भागीदारी को और मजबूत करने के लिए नई और सार्थक पहलों को खोजने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इस यात्रा की एक खास बात राजनाथ सिंह की अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी।
राजनाथ सिंह सिडनी में एक बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता भी करेंगे, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत के नेता शामिल होंगे। वह ऑस्ट्रेलिया के अन्य राष्ट्रीय नेताओं से भी मिलेंगे। पिछले कुछ वर्षों में भारत‑ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों का विस्तार हुआ है, जिसमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, जहाजों के दौरे और द्विपक्षीय अभ्यास शामिल हैं।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 2020 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी से उच्च स्तर की व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) में बदल दिया। दोनों देशों का गहरा संबंध है, जो बहुलतावाद, वेस्टमिंस्टर शैली की लोकतांत्रिक व्यवस्था, कॉमनवेल्थ की परंपराएं, बढ़ती आर्थिक भागीदारी और उच्च स्तर की बातचीत जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।