भारत ने यूएन में पाक को बताया दुनिया की शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान को चौतरफा घेरने में लगे भारत ने एक बार फिर से पाक को दुनिया के सबसे बड़े मंच से कड़ी नसीहत दी है। सोमवार को भारत ने यूएन में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा है कि पाकिस्तान विश्व शान्ति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यही नहीं भारत ने पाकिस्तान में हो रहे परमाणु हथियारों के विकास को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पाकिस्तान में जिहादी संगठनों के बढ़ते प्रभाव को भी भारत ने यूएन के सामने रखा।
भारतीय राजदूत वेंकटेश वर्मा ने 'निशस्त्रीकरण सम्मेलन' में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तानी राजदूत तहमीना जंजुआ को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शांति और स्थायित्व को सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद को मिलने वाले बढ़ावे और लगातार परमाणु शक्ति को विस्तार देने से है।
दरअसल कॉन्फ्रेंस में पाक राजदूत जंजुआ ने पहले मौखिक रूप से कश्मीर का मुद्दा उठाया जिसके बाद भारतीय राजदूत ने उन्हें कड़ा जवाब दिया। जंजुआ ने कहा था कि कश्मीर का मुद्दा सुलझाए बिना क्षेत्रीय शांति संभव नहीं है।
'पाकिस्तान सिर्फ खुद को फायदा पहुंचाना चाहता है'
यूएन में पाक राजदूत ने फिर से उन्हीं प्रस्तावों की पेशकश की, जिन्हें भारत लंबे समय से ठुकराता आ रहा है। जंजुआ ने पाक पीएम का अभी पिछले दिनों यूएनजीसी में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ द्विपक्षीय समझौते को तैयार है।
जंजुआ के जवाब में भारतीय राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ खुद को फायदा पहुंचाना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह हमेशा से रिकॉर्ड रहा है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय निशस्त्रीकरण के एजेंडे और निशस्त्रीकरण सम्मेलन को रोकने के लिए अकेले जिम्मेदार है।