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Hindi News ›   World ›   India and France have agreed to intensify maritime cooperation in the Indo Pacific

India-France: भारत-फ्रांस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाएंगे समुद्री सहयोग, चीन को लग सकती है मिर्ची

Sat, 15 Jul 2023 05:07 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 15 Jul 2023 05:07 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस के दो दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। भारत और फ्रांस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को तेज करने और सेनाओं की नौसैनिक यात्राओं को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। 
 

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India and France have agreed to intensify maritime cooperation in the Indo Pacific
पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : twitter

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस के दो दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। भारत और फ्रांस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को तेज करने और सेनाओं की नौसैनिक यात्राओं को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। 

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शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी किया गया जिसमें कहा गया कि भारत और फ्रांस हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अस्तित्व में विश्वास करते हैं और इसके संप्रभुता- क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में एक संतुलित और स्थिर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
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भारत-फ्रांस के साझा बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी का ‘सागर’ (SAGAR) (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) का दृष्टिकोण और राष्ट्रपति मैक्रों का फ्रांस की हिंद-प्रशांत रणनीति में उल्लिखित सुरक्षा और सहयोग का दृष्टिकोण बहुत हद तक मेल खाता है। भारत-फ्रांस हिंद-प्रशांत रूपरेखा को ऐसे समय में जारी किया गया है जब इस रणनीतिक क्षेत्र में चीन की आक्रामकता लगातार बढ़ती जा रही है।
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भारत-फ्रांस के बीच समुद्री सहयोग से चीन को मिर्ची जरूर लग सकती है। दोनों नेताओं ने अपने बयान में कहा कि हमारा मानना है कि भारत-फ्रांस साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परस्पर जुड़ी हुई है। और यह साझेदारी परस्पर जोड़ने वाली व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के लिए अपरिहार्य होगी। 

फ्रांस की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रीयूनियन द्वीप, न्यू कैलेडोनिया और फ्रेंच पोलिनेशिया जैसे क्षेत्रों में बड़ी उपस्थिति है, जो लगभग 1.5 मिलियन लोगों का घर है। ये क्षेत्र इस क्षेत्र में फ्रांस के लिए सैन्य अड्डे के रूप में भी काम करते हैं। भारत रीयूनियन द्वीप पर फ्रांसीसी नौसेना के साथ अपने पी8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान का उपयोग करके समन्वित निगरानी मिशन में भाग ले रहा है।

इससे पहले, मैक्रों के साथ एक संयुक्त प्रेस कार्यक्रम में, पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और फ्रांस की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक की निवासी शक्तियों के रूप में, भारत और फ्रांस की क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए विशेष जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत के इंडो-पैसिफिक महासागर पहल में समुद्री संसाधन स्तंभ का नेतृत्व करने के फ्रांस के फैसले का स्वागत करते हैं।


दोनों देशों ने ‘भारत-फ्रांस हिंद-प्रशांत रूपरेखा’ के मसौदे में कहा कि हिंद महासागर में भारत-फ्रांस के बीच साझेदारी हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है। वर्ष 2018 में, भारत और फ्रांस हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग के संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण पर सहमत हुए। अब हम प्रशांत क्षेत्र में अपने संयुक्त प्रयासों का विस्तार करने के लिए तैयार हैं। 

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