{"_id":"58906bad4f1c1b0b13e80dc5","slug":"india-2030-imf-downngrades-india-s-gdp-forcast-after-demonetisation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IMF ने घटाई भारत की विकास दर, 6.6 फीसदी का अनुमान","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
IMF ने घटाई भारत की विकास दर, 6.6 फीसदी का अनुमान
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 02 Feb 2017 06:16 PM IST
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की जीडीपी विकास दर को घटाकर के 6.6 फीसदी रहने का अनुमान किया है। यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुमान से भी काफी कम है। आरबीआई ने जीडीपी का अनुमान 7.1 फीसदी रखा था। इससे चीन से भी भारत की विकास दर पीछे रहने की संभावना है।
विज्ञापन
पड़ा है अर्थव्यवस्था पर बुरा असर
आईएमएफ के मुताबिक, नोटबंदी के बाद से अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है, जिसको संभलने में अभी काफी वक्त लगेगा। विश्व इकनॉमिक आउटलुक जारी करते हुए आईएमएफ ने कहा कि 2016-17 में भारत की जीडीपी दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। नोटबंदी से पहले आईएमएफ ने भारत की जीडीपी 7.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।
विज्ञापन
Trending Videos
चीन का अनुमान 0.1 फीसदी बढ़ाया
China economy
आईएमएफ ने जहां भारत के जीडीपी अनुमान को घटा दिया है, वहीं पड़ोसी देश चीन के अनुमान को 0.1 फीसदी बढ़ा दिया है। आईएमएफ ने इसे 6.6 फीसदी से बढ़ाकर के 6.7 फीसदी कर दिया था।
वहीं अक्तूबर में चीन के 2017 के विकास दर को 6.2 फीसदी से बढ़ाकर के 6.5 फीसदी किया गया था। वहीं पूरे विश्व के लिए इसको इस साल के लिए 3.4 फीसदी और 2018 के लिए 3.6 फीसदी रखा गया है।
वहीं अक्तूबर में चीन के 2017 के विकास दर को 6.2 फीसदी से बढ़ाकर के 6.5 फीसदी किया गया था। वहीं पूरे विश्व के लिए इसको इस साल के लिए 3.4 फीसदी और 2018 के लिए 3.6 फीसदी रखा गया है।
विज्ञापन
विकास की रहेगी धीमी रफ्तार
आईएमएफ का अनुमान है कि नोटबंदी के बाद विकास की रफतार धीमी रहेगी। पहले जहां इसको 7.6 फीसदी रखा गया था, वहीं अब इसको 7.2 फीसदी कर दिया गया है। इस अनुमान में 0.4 फीसदी की कटौती की गई है।
आईएमएफ ने कहा कि नोटबंदी के बाद उद्योग जगत को झटका लगा है क्योंकि नकदी का संकट हो गया था, जिससे लोगों को सामान खरीदने-बेचने में काफी परेशानी हुई थी। आईएमएफ के अलावा विश्व की अन्य रेटिंग एजेंसियों जैसे की मूडी और इकरा ने भारत के जीवीए 7 फीसदी से घटाकर के 6.6 फीसदी कर दिया है।
आईएमएफ ने कहा कि नोटबंदी के बाद उद्योग जगत को झटका लगा है क्योंकि नकदी का संकट हो गया था, जिससे लोगों को सामान खरीदने-बेचने में काफी परेशानी हुई थी। आईएमएफ के अलावा विश्व की अन्य रेटिंग एजेंसियों जैसे की मूडी और इकरा ने भारत के जीवीए 7 फीसदी से घटाकर के 6.6 फीसदी कर दिया है।