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Independence Day: खरगे ने क्यों याद दिलाए अतीत के फुटप्रिंट? विकास की स्क्रिप्ट में इंदिरा-अटल का भी जिक्र
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संबोधन देते हुए मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो :
सोशल मीडिया
विस्तार
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए अपने नौ वर्ष के शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कई विषयों को लेकर यूपीए बनाम एनडीए के कार्यकाल की तुलना कर दी। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस के किसी पीएम का नाम नहीं लिया। स्थिति कुछ ऐसी रही कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को यह बात याद दिलानी पड़ी कि इतिहास के 'फुटप्रिंट' को मिटाया नहीं जा सकता। उनकी अमिट छाप तो सदैव बनी रहती है। उन्होंने देश के विकास की गौरव गाथा में केवल इंदिरा गांधी ही नहीं, बल्कि उसमें अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कई दूसरे प्रधानमंत्रियों का भी नाम लिया।बता दें कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व 2014 के बाद लगातार इस बात को प्रमुखता से उठाता रहा है कि देश का असल विकास तो अब शुरु हुआ है। खुद पीएम मोदी भी कई बार यूपीए और एनडीए की तुलना कर चुके हैं। मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में उन्होंने अगले पांच साल की गारंटी भी दे दी। पीएम ने कहा, हम आज जो शिलान्यास कर रहे हैं, उनका उद्घाटन भी मेरे नसीब में है। अगले स्वतंत्रता दिवस पर मैं आपके सामने अपनी सरकार की सफलता का रिपोर्ट कार्ड पेश करूंगा। उन्होंने यूपीए और एनडीए, दोनों सरकारों की तुलना करते हुए कहा, 2014 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत दसवें नंबर पर था। अब हम पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं। तब भ्रष्टाचार का राक्षस देश को दबोचे हुए था। लाखों करोड़ रुपये के घोटाले हो रहे थे। मोदी सरकार ने उन लीकेज को बंद कर दिया, जहां से वे घोटाले शुरु होते थे। 2014 में तीस साल के अनुभव के बाद लोगों ने देश को एक मजबूत सरकार दी थी। वो एक अस्थिरता का काल था। राजनीतिक मजबूरी से देश जकड़ा हुआ था, 2014 में देश को उससे मुक्ति मिली।
आईआईटी, डैम और एम्स किसने बनवाए …
स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संदेश में कहा, आजादी के बाद पिछले सत्तर सालों में भारत विश्व में एक मजबूत शक्ति बन कर उभरा है। यह रातों रात नहीं हुआ। राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। हमारे आजादी के महानायकों ने, पूर्व-प्रधानमंत्रियों ने और भारत की जनता ने अपने योगदान से इस सपने को साकार किया। आज कल कुछ लोग ऐसा जताते हैं कि भारत की प्रगति पिछले कुछ वर्षों में ही हुई है। बतौर खरगे, वो गलत सोचते हैं। अंग्रेजी सरकार ने भारत से जाते समय, हमारी स्थिति ऐसी कर दी थी कि देश में सुईं तक भी नहीं बनती थी। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने यहां बड़े-बड़े उद्योग लगवाए। स्टील प्लांट लगवाए। भाखड़ा नंगल, नागार्जुन सागर और हीराकुंड जैसे हाइड्रो इलेक्ट्रिक डैम बनवाए। आईआईटी, आईआईएम, एम्स और एनआईडी जैसे संस्थान खोले गए। स्पेस रिसर्च और एटोमिक एनर्जी रिसर्च की नींव रखी गई।
तब 4 वर्ष में 21% लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए थे ...
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले पांच साल के कार्यकाल में साढ़े 13 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं। खरगे ने कहा, जब भारत में अनाज की कमी हुई, तब लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति लाकर देश को अनाज आयात करने से मुक्त कर दिया था। अन्न के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाया गया। श्वेत क्रान्ति ने भारत को, दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाया। कुछ लोग गरीबी हटाओ पर सवाल उठाते हैं। उनको ये जान लेना चाहिए कि 1980 से 1985 के बीच में ही जिसमें, 4 वर्ष इंदिरा गांधी के थे, 21 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए थे। ऐसे ही 27 करोड़ लोग यूपीए सरकार के कार्यकाल में गरीबी रेखा से ऊपर उठे। जब भारत में कुछ लोग टेक्नोलॉजी का विरोध करते थे, तब राजीव गांधी ने भारत को इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार किया था। उन्होंने टेलीकॉम, आईआईटी और कंप्यूटर सेक्टर में क्रांति लाकर भारत के युवाओं के भविष्य में नया उजाला किया।
इंदिरा ने किया था पाकिस्तान के क्रूर तांडव का खात्मा ...
भाजपा के राष्ट्रवाद पर अप्रत्यक्ष तरीके से वार करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, जब पूरा विश्व, पश्चिमी पाकिस्तान के क्रूर तांडव को देख नहीं पा रहा था, तब भारत ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व में दुनिया का नक्शा बदला और बांग्लादेश को आजादी दिलाई। जब हमारे बैंक राजे रजवाड़ों की गिरफ़्त में थे और हमारे गरीब भाई-बहन प्राइवेट देनदारों-सूदखोरों के अत्याचार से दुखी थे, तब इंदिरा गांधी ने 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर, बैंकों के लिए गरीबों के दरवाजे खोल दिए थे। उत्तर पूर्व में असम एकोर्ड, मिजो एकोर्ड, शिलांग एकोर्ड और पंजाब का एकोर्ड साइन हुआ था। इससे देश के कई भागों में शान्ति स्थापित हुई। आईटी क्रांति के जरिए युवाओं को सशक्त करने के साथ साथ राजीव गांधी ने चुनावों में, युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, वोट डालने की आयु को 21 से 18 वर्ष कर दिया था। इससे युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सीधे तौर पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर मिला। पंचायती राज को बढ़ावा दिया गया।
अटल बिहारी वाजपेयी सहित अन्य प्रधानमंत्रियों का योगदान ...
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, राजीव गांधी के शासनकाल में ही देश की अर्थव्यवस्था ने डबल डिजिट तक तरक्की की थी। पीवी नरसिंह राव और डॉ मनमोहन सिंह के साथ मिलकर 1991 में आर्थिक उदारीकरण कर, देश को दुनिया के साथ जोड़ा। अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। अटल बिहारी वाजपेयी सहित अन्य प्रधानमंत्रियों ने भी राष्ट्रहित में अपना अहम योगदान दिया था। बतौर खरगे, यह कहते हुए बहुत पीड़ा हो रही है कि आज लोकतंत्र, संविधान और संस्थान, इन तीनों पर बहुत बड़ा खतरा है। विपक्ष की आवाज दबाने के लिए नये नये हथकंडे अपनाए जा रहे है। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग की रेड हो रही हैं। चुनाव आयोग को कमजोर किया जा रहा है। संसद में विपक्ष के सांसदों को निलंबित कर उनकी आवाज को कुचलने की कोशिश की जा रही। किसी का माइक बंद हो रहा है या किसी के शब्द एक्सपंज हो रहे हैं। महान लोग नया इतिहास लिखने के लिए, पुराने इतिहास को मिटाया नहीं करते। वो अपनी लकीर बड़ी खींचते हैं, पहले से खींची लकीर को काट या मिटाकर छोटा नहीं करते। जो सरकार हमेशा नाम बदलकर पिछली सरकारों का श्रेय लेने के प्रयास में लगी रहती है, देखिये उन्होंने क्या हासिल किया। पुरानी चल रही योजनाओं को नया नाम दे दिया।