कार्रवाई: आयकर विभाग की 37 जगहों पर छापेमारी, दुबई की कंपनी के जरिए संपत्ति वैध करने का आरोप
कुछ लोगों और समूहों पर अपनी बेहिसाब संपत्ति को वैद्य करने के लिए संदिग्ध विदेशी कंपनियां बनाने का आरोप है। इसी संबंध में यह कार्रवाई हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आयकर विभाग ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में 37 स्थानों पर छापेमारी की। आरोप है कि कुछ लोगों और समूहों ने अपनी बेहिसाब संपत्ति को वैध करने के लिए संदिग्ध विदेशी कंपनियां बनाने के लिए दुबई स्थित एक वित्तीय कंपनी की सेवाएं ली थीं। इसी संबंध में आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है।
Income Tax Dept has conducted searches at 37 locations across Maharashtra, Karnataka & Uttar Pradesh on groups/individuals who allegedly utilized the services of a Dubai-based financial service provider to create dubious foreign companies to hold their unaccounted assets.
विज्ञापन
— ANI (@ANI) October 4, 2021
सीबीडीटी का दावा- हाल की में छापेमारी बड़े खुलासे किए
इस बीच आयकर विभाग ने हाल ही में मुंबई, नोएडा और कुछ अन्य स्थानों पर कई व्यापारिक समूहों पर छापेमारी के बाद अघोषित विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों का भारी संख्या में खुलासा किया है। सीबीडीटी ने सोमवार को इस बात का दावा किया। सीबीडीटी की ओर से कहा गया कि 30 सितंबर को मुंबई, पुणे, नोएडा और बेंगलुरु में केबल निर्माण, रियल एस्टेट, कपड़ा, प्रिंटिंग मशीनरी, होटल, लॉजिस्टिक्स आदि जैसे विभिन्न व्यवसायों में शामिल करीब 30 समूहों और व्यक्तियों के यहां छापेमारी की गई। बयान में कहा गया है कि कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डायरी, ईमेल और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं, जो बड़ी संख्या में विदेशी बैंक खातों और अचल संपत्तियों के स्वामित्व का संकेत देते हैं।
सीबीडीटी में अहम फेरबदल
दूसरी ओर, सीबीडीटी में एक अहम फेरबदल किया गया है। इसके मद्देनजर 1986 बैच के आईआरएस अधिकारी नितिन गुप्ता को आयकर विभाग के संवेदनशील जांच विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। सदस्य (जांच) का प्रभार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख द्वारा तीन साल से अधिक समय से संभाला जा रहा था। वर्तमान सीबीडीटी अध्यक्ष जेबी महापात्रा अपने पूर्ववर्ती पीसी मोदी और सुशील चंद्रा की तरह अतिरिक्त क्षमता में यह प्रभार संभाल रहे थे। 28 सितंबर को जारी आदेश के मुताबिक गुप्ता सदस्य (जांच) का स्वतंत्र प्रभार संभालेंगे, जबकि एक अन्य सदस्य और 1985-बैच भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी अनुजा सारंगी प्रशासन और फेसलेस योजनाओं का प्रभार संभालेंगी। पीटीआई को मिली आदेश की कॉपी वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई थी।