अब टैक्स चोरी की तो पैन होगा ब्लॉक, नहीं मिलेगी LPG सब्सिडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टैक्स चोरी या देने में आनाकानी करने वालों पर अब इनकम टैक्स विभाग ने नकेल कसने की तैयारी कर ली है। आईटी विभाग अब ऐसे बकायदारों या टैक्स चोरों का पैन परमानेंट अकाउंट नंबर परमानेंट बंद कर सकता है। इसके अलावा ऐसे लोगों की गैस सब्सिडी भी बंद की जाएगी और उन्हें कहीं से लोन भी न मिल सके इसका इंतजाम भी किया जाएगा।
इनकम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए अब विभाग ने इस तरह के उपायों पर काम करना शुरू कर दिया है। असल में हर साल टैक्स चोरों की संख्या बढ़ती जा रही है ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए इनकम टैक्स विभाग इस वित्तीय वर्ष से ही बड़े स्तर पर कई बदलाव करने वाला है।
पीटीआई की खबर के अनुसार विभाग की ओर से जो तैयारी की जा रही है उसमें टैक्स देने में आनाकानी करने वाले का पैन नंबर ब्लॉक कर देगा जिससे उन्हें किसी भी प्राइवेट या निजी बैंक से लोन न मिल सके।
इससे अलग वित्त मंत्रालय की ओर से सुझाव दिया गया है कि ऐसे लोगों की एलपीजी सब्सिडी भी बंद की जाए। विभाग का मानना है कि यह कदम बकाएदारों को हतोत्साहित करने का काम करेगा।
टैक्स चोरों पर लगाम कसने की तैयारी में विभाग
मंत्रालय की यह भी मंशा है कि ब्लॉक किए गए पैन की जानकारी प्रापर्टी रजिस्ट्रार तक भी इस निवेदन के साथ भेजी जाए कि ऐसे व्यक्ति के नाम किसी ऐसे भूमि या संपति का हस्तांतरण न किया जाए जिसमें पैन का इस्तेमाल होता हो।
इसके अलावा ऐसे लागों की सूची सभी टैक्स कार्यालयों में भेजी जाए जिससे उनके ऋण और सब्सिड़ी आदि पर भी रोक लग सके। विभाग इस जानकारी को क्रेडिट इंर्फोमेंशन ब्यूरो लिमिटेड (CIBIL) के साथ भी साझा करेगा ताकि उनकी वित्तीय गतिविधियों और देनदारियों की एवज में उनकी संपति पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल विभाग द्वारा ऐसे 67 लोगों के नाम सावर्जनिक किए गए हैं।
पिछले साल ही विभाग ने टैक्स चोरों के नाम सामने लाने के लिए नेम एंड सेम स्कीम शुरू की थी, जिसमें बड़े बकाएदारों (20 करोड़ से ऊपर वालों) के नाम देश के बड़े अखबारों में प्रकाशित किए गए थे।