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Karnataka: HAL के एईआरडीसी में एक नए डिजाइन और परीक्षण सुविधा का उद्घाटन, जानिए क्या बोले रक्षा सचिव अरमाने
Fri, 29 Dec 2023 10:18 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 29 Dec 2023 10:18 PM IST
सार
एचएएल के एयरो इंजन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर(एईआरडीसी) में एक नई डिजाइन और परीक्षण सुविधा का उद्घाटन करते हुए रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि मैं चाहता हूं कि यह दुनिया की शीर्ष दस कंपनियां में जगह बनाएं।
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रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने
- फोटो : ANI
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विस्तार
एचएएल के एयरो इंजन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर(एईआरडीसी) में एक नई डिजाइन और परीक्षण सुविधा का रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने आज बंगलूरू में उद्धाटन किया हैं। एचएएल द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की सराहना करते हुए गिरिधर अरमाने ने कहा कि एचएएल को उच्चतम स्तर पर सराहना मिली हैं। सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने और आपकी क्षमता पर भरोसा करती हैं। विनिर्माण क्षेत्र हमारे देश का भविष्य हैं। इस दौरान उन्होंने एचएएल के एयरोस्पेस डिवीजन का भी दौरा किया
भविष्य को ध्यान में रखकर हो विकास- अरमाने
उद्धाटन समारोह में संबोधन के दौरान गिरिधर अरमाने ने कहा कि आने वाले समय में दशकों से एचएएल को सभी प्रकार के विमानों के लिए प्रौद्योगिकियों में महारत हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भविष्य के युद्ध में मानव रहित विमानों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने एचएएल को नए प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए अन्य निजी कंपनियों के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। संबोधन के दौरान रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि एचएएल भारत की सबसे बड़ी डीपीएसयू हैं। मैं चाहता हूं कि यह दुनिया की शीर्ष दस कंपनियां में जगह बनाएं।
आत्मनिर्भरता के जरिए विकास का पथ सुदृढ़- अनंतकृष्णन
एचएएल के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) सी.बी. अनंतकृष्णन ने कहा कि इस सुविधा का विकास एचएएल के विकास पथ में एक मील का पत्थर है। यह एयरो-इंजन डिजाइन और विकास में आत्मानिर्भरता प्राप्त करने के प्रति एचएएल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 10,000 वर्ग मीटर में फैली नई सुविधा आधुनिकीकरण योजना के तहत स्थापित की गई है।
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बता दें नई अत्याधुनिक सुविधा में विशेष मशीनें, कम्प्यूटेशनल उपकरणों का लाभ उठाने वाले उन्नत सेटअप, एक इन-हाउस फैब्रिकेशन सुविधा और एचटीएफई-25 के परीक्षण के लिए दो टेस्ट बेड और एचटीएसई-1200 के परीक्षण के लिए एक-एक टेस्ट बेड और आईएमआरएच के लिए आगामी जेवी इंजन शामिल हैं। इन्हें फ्रांस और एचएएल द्वारा सह-विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, नई विकसित सुविधा में जगुआर के एयर प्रोड्यूसर, एलसीए के गैस टरबाइन स्टार्टर यूनिट (जीटीएसयू) -110 एम2 और 127ई, आईएमआरएच और एएमसीए की सहायक बिजली इकाइयों, गैस टरबाइन इलेक्ट्रिकल जेनरेटर (जीटीईजी) -60 के परीक्षण के लिए सेटअप हैंं।
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भविष्य को ध्यान में रखकर हो विकास- अरमाने
उद्धाटन समारोह में संबोधन के दौरान गिरिधर अरमाने ने कहा कि आने वाले समय में दशकों से एचएएल को सभी प्रकार के विमानों के लिए प्रौद्योगिकियों में महारत हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भविष्य के युद्ध में मानव रहित विमानों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने एचएएल को नए प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए अन्य निजी कंपनियों के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। संबोधन के दौरान रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि एचएएल भारत की सबसे बड़ी डीपीएसयू हैं। मैं चाहता हूं कि यह दुनिया की शीर्ष दस कंपनियां में जगह बनाएं।
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आत्मनिर्भरता के जरिए विकास का पथ सुदृढ़- अनंतकृष्णन
एचएएल के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) सी.बी. अनंतकृष्णन ने कहा कि इस सुविधा का विकास एचएएल के विकास पथ में एक मील का पत्थर है। यह एयरो-इंजन डिजाइन और विकास में आत्मानिर्भरता प्राप्त करने के प्रति एचएएल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 10,000 वर्ग मीटर में फैली नई सुविधा आधुनिकीकरण योजना के तहत स्थापित की गई है।
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बता दें नई अत्याधुनिक सुविधा में विशेष मशीनें, कम्प्यूटेशनल उपकरणों का लाभ उठाने वाले उन्नत सेटअप, एक इन-हाउस फैब्रिकेशन सुविधा और एचटीएफई-25 के परीक्षण के लिए दो टेस्ट बेड और एचटीएसई-1200 के परीक्षण के लिए एक-एक टेस्ट बेड और आईएमआरएच के लिए आगामी जेवी इंजन शामिल हैं। इन्हें फ्रांस और एचएएल द्वारा सह-विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, नई विकसित सुविधा में जगुआर के एयर प्रोड्यूसर, एलसीए के गैस टरबाइन स्टार्टर यूनिट (जीटीएसयू) -110 एम2 और 127ई, आईएमआरएच और एएमसीए की सहायक बिजली इकाइयों, गैस टरबाइन इलेक्ट्रिकल जेनरेटर (जीटीईजी) -60 के परीक्षण के लिए सेटअप हैंं।