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उत्तराखंड बीजेपी में सब कुछ नहीं चल रहा ठीक ठाक, ट्विटर के जरिए खंडूरी ने बयां किया दर्द
संजय मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 23 Sep 2017 09:44 PM IST
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bc khanduri
- फोटो : File Photo
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तीन दिन पहले ही उत्तराखंड के दौरे से लौटे हैं। लेकिन उनके दौरे के अभी चंद घंटे ही हुए थे कि सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री बी सी खंडूरी ने ट्वीट के जरिये सूबे के राजनीतिक हालातों पर अपना दर्द बयां किया है।
खंडूरी का ट्वीट प्रदेश भाजपा की राजनीतिक हालातों को बयां करने के लिए काफी है। हालांकि अमर उजाला के जरिये ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर खंडूरी ने ऐसे किसी ट्वीट से अनभिज्ञता जताई है। लेकिन ट्विटर एकाउंट को देख कर लगता है कि वह एकाउंट खंडूरी का ही है। इतना जरूर हो सकता है अन्य नेताओं की तरह इनका एकाउंट भी कोई और हैंडल कर रहा हो।
आखिर क्या है खंडूरी के ट्वीट में
23 सितम्बर को दोपहर करीब 3 बजे से खंडूरी के ट्विटर एकाउंट से ट्वीट का सिलसिला शुरू हुआ। एक-एक कर करीब 6 ट्वीट्स के जरिए खंडूरी ने अपना दर्द को बयां किया। 3 बजे किये गए पहले विवादित ट्वीट में कहा कि मैंने सेना में देश की सेवा की, राजनीति में उत्तराखंड के लिए जो सपना था वह पूरा नहीं हो पाया।
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अगले ट्वीट में एक खबर का उदाहरण पेश करते हुए खंडूरी के ट्विटर पर लिखा कि मैंने अपनी पार्टी के लिए कार्य किया, अपने लिए नहीं। अगले ट्वीट में लिखा कि पार्टी मुझे मान सम्मान दे या नहीं दे, मुझे कोई दुःख नहीं। जनता के दिलों में मेरे प्रति आदर और सम्मान है। साथ ही यह भी लिखा कि पार्टी ने जो स्थान मुझे दिया है, उससे संतुष्ट हूं। पार्टी का हृदय से मान-सम्मान करता हूं। अपने मुख्यमंत्री काल पर संतुष्टि जताते हुए खंडूरी ने लिखा है कि मैंने क्या कार्य किया क्या नहीं, मुझे उसे दोहराने की कोई जरूरत नहीं है। जो भी किया देश प्रदेश के लिए किया है। जनता सब जानती है।
ट्वीट पर खंडूरी को मिल रहीं प्रतिक्रियाएं
विवादित ट्वीट्स के बाद खंडूरी को इसके जवाब में तरह-तरह की ढेरों प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। किसी ने उनके राजनीतिक पारी की सराहना की है। तो किसी ने नसीहत भी दी कि आपकी बेटी यमकेश्वर से विधायक हैं उनके जरिए अधूरे सपने को पूरा कीजिए।
खंडूरी की ट्वीट के सियासी मायने
खंडूरी ने बेसक अपने ट्विटर एकाउंट और विवादित ट्वीट से अनभिज्ञता जताई है। मगर अकाउंट काफी पुराना है। इसके जरिए खंडूरी ने पीएम मोदी से लेकर तमाम बड़े नेताओं को बधाई एवं उनके काम की सराहना की है। उनको उत्तराखण्ड भाजपा के सभी नेता फॉलो कर रहे हैं। दरअसल इस ट्वीट के सियासी मायने हैं शायद यही वजह है की खंडूरी ने इससे अनभिज्ञता जताई है।
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खंडूरी का ट्वीट प्रदेश भाजपा की राजनीतिक हालातों को बयां करने के लिए काफी है। हालांकि अमर उजाला के जरिये ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर खंडूरी ने ऐसे किसी ट्वीट से अनभिज्ञता जताई है। लेकिन ट्विटर एकाउंट को देख कर लगता है कि वह एकाउंट खंडूरी का ही है। इतना जरूर हो सकता है अन्य नेताओं की तरह इनका एकाउंट भी कोई और हैंडल कर रहा हो।
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आखिर क्या है खंडूरी के ट्वीट में
23 सितम्बर को दोपहर करीब 3 बजे से खंडूरी के ट्विटर एकाउंट से ट्वीट का सिलसिला शुरू हुआ। एक-एक कर करीब 6 ट्वीट्स के जरिए खंडूरी ने अपना दर्द को बयां किया। 3 बजे किये गए पहले विवादित ट्वीट में कहा कि मैंने सेना में देश की सेवा की, राजनीति में उत्तराखंड के लिए जो सपना था वह पूरा नहीं हो पाया।
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अगले ट्वीट में एक खबर का उदाहरण पेश करते हुए खंडूरी के ट्विटर पर लिखा कि मैंने अपनी पार्टी के लिए कार्य किया, अपने लिए नहीं। अगले ट्वीट में लिखा कि पार्टी मुझे मान सम्मान दे या नहीं दे, मुझे कोई दुःख नहीं। जनता के दिलों में मेरे प्रति आदर और सम्मान है। साथ ही यह भी लिखा कि पार्टी ने जो स्थान मुझे दिया है, उससे संतुष्ट हूं। पार्टी का हृदय से मान-सम्मान करता हूं। अपने मुख्यमंत्री काल पर संतुष्टि जताते हुए खंडूरी ने लिखा है कि मैंने क्या कार्य किया क्या नहीं, मुझे उसे दोहराने की कोई जरूरत नहीं है। जो भी किया देश प्रदेश के लिए किया है। जनता सब जानती है।
ट्वीट पर खंडूरी को मिल रहीं प्रतिक्रियाएं
विवादित ट्वीट्स के बाद खंडूरी को इसके जवाब में तरह-तरह की ढेरों प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। किसी ने उनके राजनीतिक पारी की सराहना की है। तो किसी ने नसीहत भी दी कि आपकी बेटी यमकेश्वर से विधायक हैं उनके जरिए अधूरे सपने को पूरा कीजिए।
खंडूरी की ट्वीट के सियासी मायने
खंडूरी ने बेसक अपने ट्विटर एकाउंट और विवादित ट्वीट से अनभिज्ञता जताई है। मगर अकाउंट काफी पुराना है। इसके जरिए खंडूरी ने पीएम मोदी से लेकर तमाम बड़े नेताओं को बधाई एवं उनके काम की सराहना की है। उनको उत्तराखण्ड भाजपा के सभी नेता फॉलो कर रहे हैं। दरअसल इस ट्वीट के सियासी मायने हैं शायद यही वजह है की खंडूरी ने इससे अनभिज्ञता जताई है।
क्या हैं उत्तराखंड भाजपा के अंदरुनी हालात
trivendra singh rawat
- फोटो : File Photo
सूबे में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के खिलाफ पार्टी नेताओं में भारी असन्तोष है। बीते कुछ माह पहले 26 भाजपा विधायकों ने हल्द्वानी में एक गुप्त बैठक भी की थी। वैसे भी उन्हें सीएम बनाते समय भी राज्य के कई भाजपा नेता उनके पक्ष में नहीं थे। अजय भट्ट की चुनावी हार और आलाकमान की नजदीकियों की वजह से उन्हें कुर्सी नसीब हुई थी। तब कांग्रेस से भाजपा में आए सतपाल महाराज को काफी उम्मीदें थी। हरक सिंह रावत भी मुख्यमंत्री पद का अरमान पाले हुए थे। मगर कांग्रेस की छाप होने के वजह से सतपाल और हरक सिंह रह गए।
अब सतपाल ने संघ से लेकर भाजपा तक में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस बीच खंडूरी और पूर्व सीएम भगत सिंह कोशियारी के मन में भी दोबारा से सीएम बनने की लालसा जोर मार रही है। हालांकि इधर रमेश पोखरियाल निशंक शांत हैं। सूत्र बताते हैं कि शाह के देहरादून दौरे के दौरान भी दबी जुबान से त्रिवेन्द्र को बदलने की मांग उठी थी।
मगर शाह ने सपने पाल रहे नेताओं को स्पष्ट कर दिया की उत्तराखंड में अब वैसा नहीं होगा जो पहले होता रहा है। दरअसल उत्तराखण्ड में नारायण दत्त तिवारी को छोड़ कोई ऐसे नेता नहीं है जिसने सीएम पद पर कार्यकाल पूरा किया हो। त्रिवेन्द्र को मुख्यमंत्री बने हुए अभी 6 माह हुए हैं। लेकिन प्रदेश की राजनीति में नेतृत्व बदलने की चर्चाएं अभी से ही शुरू हो गई हैं।
अब सतपाल ने संघ से लेकर भाजपा तक में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस बीच खंडूरी और पूर्व सीएम भगत सिंह कोशियारी के मन में भी दोबारा से सीएम बनने की लालसा जोर मार रही है। हालांकि इधर रमेश पोखरियाल निशंक शांत हैं। सूत्र बताते हैं कि शाह के देहरादून दौरे के दौरान भी दबी जुबान से त्रिवेन्द्र को बदलने की मांग उठी थी।
मगर शाह ने सपने पाल रहे नेताओं को स्पष्ट कर दिया की उत्तराखंड में अब वैसा नहीं होगा जो पहले होता रहा है। दरअसल उत्तराखण्ड में नारायण दत्त तिवारी को छोड़ कोई ऐसे नेता नहीं है जिसने सीएम पद पर कार्यकाल पूरा किया हो। त्रिवेन्द्र को मुख्यमंत्री बने हुए अभी 6 माह हुए हैं। लेकिन प्रदेश की राजनीति में नेतृत्व बदलने की चर्चाएं अभी से ही शुरू हो गई हैं।