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शोपियां मामला: SC ने सेना के मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज FIR पर लगाई रोक

Mon, 12 Feb 2018 02:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 12 Feb 2018 02:55 PM IST
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in shopia case supreme court stays fir against major aditya

कुछ दिनों पहले शोपियां में भारतीय सेना पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। जिसके बाद सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाई थी। इस मामले में मेजर आदित्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा दो जवानों के बच्चों ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से संज्ञान लेने को कहा था। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा था कि जवानों के मानवाधिकार हनन की भी जांच होनी चाहिए।

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इस मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई की जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा कर रहे है। उन्होंने मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाने के आदेश दिए है और केंद्र सरकार सहित जम्मू और कश्मीर सरकार से इस मामले में दो हफ्तों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मेजर आदित्य के खिलाफ किसी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी। दर्ज एफआईआर को मेजर के रिटायर्ड पिता लेफ्टिनेंट कर्नल करमवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसे उन्होंने मानवाधिकार का हनन बताया था। बेटे के खिलाफ दर्ज हुए केस को रद्द करवाने के लिए मेजर आदित्य के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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मेजर आदित्य की वकील ऐश्वर्या भाटी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू और कश्मीर सरकार को नोटिस भेजा है। हमें कहा गया है कि याचिका की एक कॉपी भारत के अटॉर्नी जनरल (एजीआई) के ऑफिस में जमा करवाएं। कोर्ट ने एजीआई से कहा है कि वह दो हफ्ते में केंद्र के रुख को साफ करें। जम्मू और कश्मीर की सरकार को भी दो हफ्तों के अंदर जवाब देना है। भाटी ने आगे कहा- हमारी प्रार्थना पर कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के खिलाफ बलपूर्वक कोई कार्रवाई ना की जाए। यह हमारे लिए एक सकारात्मक और उत्साहजनक दिन था।
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मेजर आदित्य के पिता की याचिका पर वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा- कोर्ट इस तथ्य को स्वीकार करता है कि मामले की उच्चतम न्यायालय में जांच होनी चाहिए। राज्य या जम्मू और कश्मीर की पुलिस मेजर आदित्य के खिलाफ ड्यूटी में किए गए काम के लिए कार्रवाई नहीं कर सकती है।


गौरतलब है कि 27 जनवरी को शोपियां के गनोवपोरा गांव में पथराव कर रही भीड़ पर सेना ने गोली चलाई थी जिसकी वजह से दो स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना की जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में मेजर आदित्य कुमार सहित गढ़वाल रायफल्स के 10 जवानों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) और 307 (हत्या की कोशिश) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

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