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पिछले कुंभ में मोदी तो इस बार राममंदिर निर्माण की होगी घोषणा
राहुल शर्मा, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Thu, 25 Oct 2018 07:00 AM IST
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प्रयागराज नामकरण के बाद लगने जा रहा इस बार का कुंभ मेला राजनीतिक दृष्टि से मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। पिछले कुंभ के दौरान संगम किनारे ही विश्व हिंदू परिषद के शिविर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। ठीक उसी तर्ज पर इस बार विहिप के शिविर से अयोध्या में राममंदिर निर्माण की तारीख तय की जाने की तैयारी की गई है। यह घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में विहिप की ओर से आयोजित धर्म संसद में की जाएगी।
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पिछले दिनों ही विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय की मौजूदगी में इसका खाका तैयार किया गया है। विहिप ने कुंभ के दौरान किए जाने वाले तमाम कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार कर ली है। इसमें विहिप की धर्म संसद भी शामिल है, जो 31 जनवरी और एक फरवरी 2019 को संगम तट पर होगी। खास बात यह कि इस धर्म संसद में अमित शाह के भी आने का कार्यक्रम है। इसके अलावा संघ प्रमुख मोहन भागवत भी धर्म संसद में शिरकत कर सकते हैं।
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दरअसल वर्ष 2013 में लगे कुंभ मेले में विहिप के तत्कालीन अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. अशोक सिंहल ने संतों से विचार विमर्श कर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। कुंभ मेले के चंद माह बाद ही राजनाथ सिंह ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का एलान किया। इस बार भी कुंभ के बाद ही लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। विहिप अखिल भारतीय धर्मयात्रा महासंघ के प्रदेश महामंत्री पवन श्रीवास्तव की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में ही मंदिर निर्माण की तारीख घोषित होगी।
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‘धर्म संसद से ही देशहित से जुड़े बड़े निर्णय लिए जाते हैं। पिछले कुंभ में पीएम के रूप में नरेंद्र मोदी का नाम प्रस्तावित किया गया था। इस बार संतों की इच्छा है कि मंदिर निर्माण की तिथि घोषित की जाए।’
मुकेश जी, प्रांत संगठन मंत्री, विश्व हिंदू परिषद